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एचपी-शिवा परियोजना के तहत बबेला में रोपे गए लीची के 2,010 पौधे

लेखक: AIR Shimla अंतिम अपडेट: 20 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति

अगस्त 20, मंडी (हिमाचल प्रदेश): 'एचपी-शिवा’ प्रोजेक्ट के तहत विकास खंड द्रंग के बबेला क्लस्टर में पौधरोपण एवं प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। बागवानी विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़कर वैज्ञानिक तरीके से बागवानी के लिए प्रेरित करना रहा।

कार्यक्रम में उप-निदेशक बागवानी (मंडी) डॉ. संजय गुप्ता विशेष रूप से उपस्थित रहे। शिविर के दौरान विशेषज्ञों ने उपस्थित बागवानों को लीची के पौधे लगाने की बारीकियों से अवगत करवाया।

विभागीय टीम ने खेतों में जाकर व्यावहारिक प्रदर्शन दिया, जिसमें पौधरोपण के सही तरीके, गड्ढे भरने की तकनीक और पौधों की शुरुआती देखभाल पर विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान बबेला क्लस्टर में लीची रोपण अभियान की शुरुआत की गई। पौधरोपण का शुभारंभ गांव के वरिष्ठ नागरिकों और क्लस्टर के लाभार्थियों द्वारा किया गया।

इसके तहत 3.5 हेक्टेयर भूमि पर लीची की उन्नत किस्मों के 2,010 पौधे रोपे गए। इस अवसर पर बागवानी विकास अधिकारी डॉ. कविता शर्मा ने एचपी-शिवा परियोजना की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि विकास खंड द्रंग में अब तक कुल सात क्लस्टर स्थापित किए जा चुके हैं।

इनके तहत कुल 95 हेक्टेयर क्षेत्र को कवर किया गया है, जिसमें मुख्य रूप से अमरूद और जापानी फल (पर्सिमोन) का रोपण किया गया है। उन्होंने बताया कि दुर्गम क्षेत्र बरोट घाटी में विशेष ध्यान देते हुए 76 हेक्टेयर क्षेत्र में पांच क्लस्टर बनाए गए हैं, जहां जापानी फल की बागवानी को बढ़ावा दिया जा रहा है।

कार्यक्रम में क्लस्टर इंचार्ज पूजा लोहिया, डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर अभय चौहान, फील्ड सुपरवाइजर गौरव ठाकुर, फैसिलिटेटर अभिषेक तथा ब्लॉक के अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे। इस पौधरोपण एवं प्रशिक्षण शिविर में स्थानीय किसानों और परियोजना के लाभार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और आधुनिक बागवानी तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।

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AIR Shimla

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