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एचपीटीडीसी में गहराया वेतन संकट, 24 सितंबर बीत जाने पर भी नहीं मिली सैलरी, कर्मचारियों ने चेयरमैन बाली के खिलाफ मोर्चा, पद से हटाने की मांग

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
एचपीटीडीसी में गहराया वेतन संकट, 24 सितंबर बीत जाने पर भी नहीं मिली सैलरी, कर्मचारियों ने चेयरमैन बाली के खिलाफ मोर्चा, पद से हटाने की मांग

एचपीटीडीसी में 24 सितंबर बीत जाने पर भी नहीं मिली सैलरी, कर्मचारियों ने चेयरमैन बाली के खिलाफ मोर्चा, पद से हटाने की मांग

कहा: बाली हटाओ, टूरिज्म बचाओ

सितंबर 24, शिमला (हिमाचल प्रदेश): हिमाचल पर्यटन विकास निगम में वेतन संकट गहरा गया है। अगस्त महीने का वेतन 24 सितंबर तक भी जारी नहीं हुआ है। इसे लेकर कर्मचारियों ने भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले निगम के चेयरमैन आरएस बाली के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए तुरन्त पद से हटाने की मुख्यमंत्री से मांग की है अन्यथा सरकार के खिलाफ बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।

भारतीय मजदूर संघ ने बाली हटाओ, टूरिज्म बचाओ"का नारा दिया है और कहा है कि सैलरी न मिलने से परिवार का खर्चा चलाना मुश्किल हो गया है। संघ ने बताया कि एचपीटीडीसी के 1000 रेगुलर, 70 डेली-वेज और 500 आउटसोर्स, कुल 1570 कर्मचारियों को अगस्त 2026 का वेतन नहीं मिला है। बीएमएस ने वित्तीय संकट के लिए मैनेजमेंट और निगम के चेयरमैन आरएस बाली को को जिम्मेदार ठहराया।

संघ ने आरोप लगाया कि अध्यक्ष ने अपने विधानसभा क्षेत्र के लगभग डेढ़ सौ से 200 लोगों को गलत तरीके से निगम में भर्ती कर दिया है।संघ का आरोप है कि कुल्लू की 4 इकाइयों में एक साथ रेनोवेशन शुरू कर आय बंद कर दी गई। वहीं निगम की 8 इकाइयों को O&M पर देने की दूसरी बार तैयारी हो रही है। बीएमएस ने मांग की है कि आरएस बाली को तुरंत पद से हटाया जाए और मुख्यमंत्री खुद पर्यटन विभाग का जिम्मा संभालें।

अगर मांग नहीं मानी गई तो चेयरमैन को काले झंडे दिखाए जाएंगे और उनके पुतले फूंके जाएंगे।यूनियन ने साफ कहा है कि अगर महीने की 1 तारीख तक वेतन जारी नहीं हुआ तो एक दिन के लिए हिमाचल भवन शिमला, हिमाचल भवन चंडीगढ़, मंडी सदन दिल्ली, सचिवालय, विधानसभा, विली पार्क और सभी मंत्रियों व अधिकारियों के आवासों पर सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी जाएंगी।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।