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एफजेसीसीआई ने रांची में नो-एंट्री में तीन पहिया मालवाहक वाहनों को छूट की मांग

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 18 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
एफजेसीसीआई ने रांची में नो-एंट्री में तीन पहिया मालवाहक वाहनों को छूट की मांग

Relevance: PRIORITY Slug: FJCCI TRAFFIC POLICE

Short Headline: एफजेसीसीआई ने रांची में नो-एंट्री में तीन पहिया मालवाहक वाहनों को छूट की मांग

Synopsis: फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधिमंडल ने ट्रैफिक पुलिस अधीक्षक राकेश सिंह से की मुलाकात, चैंबर अध्यक्ष तुलसी पटेल ने कहा- नो-एंट्री में तीन पहिया मालवाहक वाहनों को छूट की मांग।

Category: Business , Economy , Law and Order

Deadline : 18 SEPTEMBER, RANCHI

18 सितंबर, रांची: रांची शहरी क्षेत्र में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करने वाले तीन पहिया मालवाहक वाहनों को नो-एंट्री अवधि में प्रवेश की अनुमति देने की मांग की गई है। फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधिमंडल ने ट्रैफिक पुलिस अधीक्षक राकेश सिंह से मुलाकात कर इस संबंध में मांग रखी। चैंबर ने कहा कि छूट मिलने से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति व्यवस्था सुचारू हो सकेगी।

रांची में सुबह 9 से 11 बजे और शाम 5 से 7 बजे तक नो-एंट्री व्यवस्था लागू है। चैंबर अध्यक्ष तुलसी पटेल ने कहा कि इस व्यवस्था के कारण आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करने वाले छोटे मालवाहक वाहनों को परेशानी हो रही है।

चैंबर के मुताबिक पूर्व में ऐसे वाहनों को नो-एंट्री अवधि में परिचालन की अनुमति थी, जिसकी अवधि समाप्त होने के बाद उसका विस्तार नहीं किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि फ्लाईओवर निर्माण के कारण पहले यातायात व्यवस्था को देखते हुए यह छूट नहीं दी गई थी। अब तीनों फ्लाईओवर का निर्माण पूरा हो चुका है और यातायात व्यवस्था भी सामान्य है।

प्रतिनिधिमंडल ने सुबह की नो-एंट्री में छूट संभव नहीं होने पर कम से कम शाम 5 से 7 बजे तक आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करने वाले तीन पहिया मालवाहक वाहनों को अनुमति देने का सुझाव दिया। ट्रैफिक एसपी ने प्रतिनिधिमंडल के सुझावों की समीक्षा कर उचित निर्णय लेने का आश्वासन दिया।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

रांची शहर में तीन पहिया मालवाहक वाहनों पर नो-एंट्री नियम लागू है, जिसे फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (एफजेसीसीआई) ने चुनौती दी है। यह विषय मुख्यतः परिवहन नीति और व्यापारिक हितों के बीच टकराव को दर्शाता है। इस खबर का महत्व इसलिए है क्योंकि यह दिखाता है कि स्थानीय व्यापारिक संगठन अपने सदस्यों की आर्थिक गतिविधियों की रक्षा के लिए सरकारी नीतियों पर प्रभाव डालने की कोशिश कर रहे हैं। यदि छूट मिलती है, तो छोटे-छोटे व्यापारियों को लागत में राहत मिलेगी, लेकिन शहर में यातायात और सुरक्षा

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

रांची में नो-एंट्री नियमों के बावजूद तीन पहिया मालवाहक वाहनों को छूट की मांग का मामला, व्यापारिक हितों और सार्वजनिक सुरक्षा के बीच संतुलन की आवश्यकता को दर्शाता है। नियमों का पालन न करने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता है, जिससे अनगिनत परिवार प्रभावित होते हैं। हमें कानून के प्रति सम्मान, पारदर्शी संवाद और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करनी चाहिए। तभी व्यापारिक विकास और समाज की भलाई दोनों साथ-साथ आगे बढ़ सकेंगी।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।