राजनीति

एल मुरुगन ने की मंत्री पद और राज्यसभा सदस्यता छोड़ने की पेशकश

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 13 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
एल मुरुगन ने की मंत्री पद और राज्यसभा सदस्यता छोड़ने की पेशकश

अक्टूबर 13, नई दिल्ली: एल. मुरुगन ने केंद्रीय मंत्री पद और राज्यसभा की सदस्यता छोड़ने की अनुमति देने का अनुरोध किया है। उन्होंने पत्र में लिखा कि वे तमिलनाडु में पार्टी को मजबूत करने और राज्य की सेवा के लिए पूरा समय देना चाहते हैं। मैं तमिलनाडु में जमीनी स्तर पर काम करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहता हूं, क्योंकि हमारे प्रधानमंत्री हमेशा तमिलनाडु, तमिल गौरव, तमिल भाषा और राज्य के बुनियादी ढांचे के विकास को प्राथमिकता देते हैं।

आगे उन्होंने बताया कि 2 दिन पहले जब प्रधानमंत्री तमिलनाडु आए थे, तब मैंने देखा कि वहां के लोगों में उनके प्रति कितना प्रेम और स्नेह है। साल 2029 में चुनाव होने हैं और मैं चाहता हूं कि तमिलनाडु में पार्टी को और मजबूत किया जाए। इसलिए मैंने प्रधानमंत्री जी से अनुरोध किया है कि मुझे इस पद की जिम्मेदारियों से मुक्त किया जाए, ताकि मैं तमिलनाडु लौटकर पूरी तरह पार्टी को मजबूत करने के लिए काम कर सकूं।

मेरा प्रयास होगा कि तमिलनाडु में पार्टी का जनाधार बढ़े, अधिक से अधिक सांसद जीतकर संसद पहुंचें और प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व को और मजबूती मिले।

बाइट- एल. मुरुगन, बीजेपी नेता

💡 पृष्ठभूमि (Background)

एल मुरुगन, एक प्रमुख तमिलनाडु नेता, ने केंद्रीय मंत्री पद और राज्यसभा की सीट छोड़कर तमिलनाडु में पार्टी को सुदृढ़ करने की इच्छा जताई है। यह कदम तमिलनाडु के राजनीतिक परिदृश्य में एक नई दिशा का संकेत देता है, क्योंकि मुरुगन का स्थानीय स्तर पर गहरा प्रभाव है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे केंद्र और राज्य के बीच शक्ति संतुलन बदल सकता है और तमिलनाडु की नीतिगत प्राथमिकताएँ प्रभावित हो सकती हैं। आम जनता के लिए इसका असर यह हो सकता है कि राज्य में विकास परियोजनाओं पर अधिक ध्यान दिया जाए, साथ ही राजनै

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।