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एलडीआर के फैसले से कंप्यूटर शिक्षकों में रोष, हाईकोर्ट के आदेश लागू करने की मांग

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 23 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
एलडीआर के फैसले से कंप्यूटर शिक्षकों में रोष, हाईकोर्ट के आदेश लागू करने की मांग

26 वर्षों से सेवाएं दे रहे शिक्षक में से कुछ सेवानिवृत्ति के करीब पहुंचे

अक्तूबर 23, शिमला (हिमाचल प्रदेश): शिक्षा विभाग में पिछले 26 वर्षों से सेवाएं दे रहे कंप्यूटर शिक्षकों में से कुछ शिक्षक सेवानिवृत्त होने वाले हैं, परंतु सरकार द्वारा इन शिक्षकों को नियमित करने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है जबकि माननीय हाईकोर्ट ने कंप्यूटर शिक्षकों के हित में दिए गए निर्णय की भी सरकार अनुपालना नहीं कर रही है।

इससे इस वर्ग के साथ अन्याय हो रहा है। कंप्यूटर शिक्षक संघ के पदाधिकारी राजेंद्र शर्मा, विपिन शर्मा, कुलदीप शर्मा और देश राज ने कहा कि सरकार के एलडीआर संबंधी फैसले से कंप्यूटर शिक्षकों के हितों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से शिक्षा विभाग में सेवाएं देने के बावजूद शिक्षकों को उनके भविष्य को लेकर अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है।

संघ ने सरकार से मांग की है कि हाईकोर्ट के आदेशों को लागू करते हुए प्रदेश के करीब 1300 कंप्यूटर शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश के विद्यार्थियों को कंप्यूटर शिक्षा और आधुनिक तकनीक का ज्ञान देने में इन शिक्षकों की अहम भूमिका रही है।

इसके बावजूद उन्हें नौकरी की सुरक्षा और भविष्य को लेकर चिंता बनी हुई है। उनका कहना है कि वर्षों तक विभाग में सेवाएं देने के बाद भी यदि शिक्षकों को नियमितीकरण का लाभ नहीं मिलता है, तो यह उनके साथ अन्याय है। इनमें कई शिक्षक ऐसे भी हैं, जो सेवानिवृत्ति की आयु के करीब पहुंच चुके हैं। शिक्षक नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री सहित प्रदेश सरकार के कई मंत्री विभिन्न मंचों से कंप्यूटर शिक्षकों के हितों की रक्षा करने का आश्वासन देते रहे हैं।

अब समय आ गया है कि सरकार इन आश्वासनों को धरातल पर उतारते हुए उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान करे। उन्होंने कहा कि लंबे समय से सेवाएं दे रहे शिक्षकों को इस पड़ाव पर भी अपने भविष्य को लेकर असमंजस में रहना पड़ रहा है, जो चिंता का विषय है। कंप्यूटर शिक्षक संघ ने सरकार से एलडीआर संबंधी निर्णय पर पुनर्विचार करने तथा न्यायालय के आदेशों के अनुरूप उचित कार्रवाई करने की मांग की है।

संघ पदाधिकारियों ने कहा कि करीब 1300 कंप्यूटर शिक्षकों के हितों से जुड़ा यह मामला उनके परिवारों के भविष्य से भी संबंधित है। सरकार को इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए ऐसा समाधान निकालना चाहिए, जिससे वर्षों से सेवाएं दे रहे कंप्यूटर शिक्षकों को न्याय मिल सके और उनका भविष्य सुरक्षित हो।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

यह खबर कंप्यूटर शिक्षकों के नियमितीकरण पर है, जहाँ 26 वर्षों से सेवा दे रहे कुछ शिक्षक सेवानिवृत्ति के करीब हैं। सरकार ने अभी तक इन शिक्षकों को स्थायी पद पर नियुक्त नहीं किया है, जबकि हाईकोर्ट ने उनके हित में आदेश दिया है। यह विषय महत्वपूर्ण है क्योंकि यह शिक्षण गुणवत्ता और शिक्षक के अधिकारों को प्रभावित करता है। यदि सरकार आदेश का पालन नहीं करती, तो शिक्षकों की मनोबल पर असर पड़ेगा और छात्रों को स्थिर शिक्षकों की कमी महसूस होगी। इससे शिक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी प्रश्न उठ सकते हैं।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।