भोपाल

एम्स भोपाल में आईएसटीएम के सहयोग से हुआ संगठन-विशिष्ट प्रशिक्षण, बेहतर प्रशासनिक सेवा की दिशा में बड़ा कदम

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 13 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
एम्स भोपाल में आईएसटीएम के सहयोग से हुआ संगठन-विशिष्ट प्रशिक्षण, बेहतर प्रशासनिक सेवा की दिशा में बड़ा कदम

एम्स भोपाल में आईएसटीएम के सहयोग से हुआ संगठन-विशिष्ट प्रशिक्षण, बेहतर प्रशासनिक सेवा की दिशा में बड़ा कदम

मुख्य बिंदु: • एम्स भोपाल में सचिवालय प्रशिक्षण एवं प्रबंधन संस्थान (आईएसटीएम), नई दिल्ली के सहयोग से ग्रुप 'ए' एवं ग्रुप 'बी' और 'सी' अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए संगठन-विशिष्ट प्रशिक्षण कार्यक्रम (ओएसपी) आयोजित किया गया।

• ग्रुप 'ए' अधिकारियों के लिए तीन दिवसीय (7 से 9 सितम्बर) एवं ग्रुप 'बी' और 'सी' के लिए पांच दिवसीय (7 से 11 सितम्बर) प्रशिक्षण आयोजित किया गया।

• आचरण नियम, वित्तीय प्रबंधन, सूचना का अधिकार, सुशासन, फाइल प्रबंधन, नोटिंग-ड्राफ्टिंग, पेंशन एवं सेवानिवृत्ति लाभ जैसे विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया, जिससे प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता एवं दक्षता बढ़ेगी।

• यह प्रशिक्षण अंततः रोगियों एवं आम नागरिकों को अस्पताल में और अधिक सुगम, पारदर्शी एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने में सहायक होगा।

एम्स भोपाल में आईएसटीएम के सहयोग से संगठन-विशिष्ट प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका सीधा लाभ अंततः अस्पताल में आने वाले रोगियों एवं आम नागरिकों तक पहुंचेगा। भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के अधीन सचिवालय प्रशिक्षण एवं प्रबंधन संस्थान (आईएसटीएम), नई दिल्ली के सहयोग से एम्स भोपाल ने अपने ग्रुप 'ए' अधिकारियों तथा ग्रुप 'बी' और 'सी' अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए संगठन-विशिष्ट प्रशिक्षण कार्यक्रम (ओएसपी) आयोजित किया।

इस प्रकार के प्रशिक्षण से अधिकारी और कर्मचारी अपने काम में अधिक सक्षम बनते हैं, जिसका सीधा असर अस्पताल आने वाले मरीजों को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता, गति और पारदर्शिता पर पड़ता है।

कार्यक्रम का शुभारंभ 7 सितम्बर 2026 को एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ) नरेन्द्र कोतवाल (रि) की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। अपने उद्घाटन संबोधन में उन्होंने कहा कि सतत प्रशिक्षण, नियमों की व्यावहारिक समझ, उत्तरदायित्व और निर्णय क्षमता किसी भी संस्थान में पारदर्शी, दक्ष एवं संवेदनशील प्रशासन की आधारशिला हैं।

स्वागत एवं उद्घाटन समारोह में अधिष्ठाता (अनुसंधान), अधिष्ठाता (परीक्षा) तथा चिकित्सा अधीक्षक सहित एम्स भोपाल के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन श्री ज्ञानेंद्र प्रसाद (प्रशासनिक अधिकारी) द्वारा प्रभावशाली एवं ओजपूर्ण ढंग से किया गया। उन्होंने आईएसटीएम के अतिथि संकाय, संस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों तथा प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए ग्रुप 'ए' तथा ग्रुप 'बी' और 'सी' के प्रशिक्षण कार्यक्रमों की रूपरेखा एवं समय-सारणी की जानकारी दी।

साथ ही, उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों की प्रशासनिक दक्षता, निर्णय क्षमता तथा व्यावसायिक कार्यशैली के विकास में इस कार्यक्रम के महत्त्व को रेखांकित किया।

ग्रुप 'ए' अधिकारियों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 7 से 9 सितम्बर 2026 तक आयोजित किया गया, जबकि ग्रुप 'बी' और 'सी' अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए पांच दिवसीय कार्यक्रम 7 से 11 सितम्बर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है।

प्रशिक्षण के दौरान आचरण नियम, नेतृत्व एवं निर्णय-निर्माण, वित्तीय प्रबंधन, सूचना का अधिकार अधिनियम, सुशासन, सतर्कता एवं अनुशासनात्मक कार्यवाही, न्यायालयीन प्रकरण, कार्यालय प्रक्रिया, फाइल प्रबंधन, नोटिंग एवं ड्राफ्टिंग, सेवा मामलों में आरक्षण, सामान्य वित्तीय नियमावली (जीएफआर), शासकीय ई-बाजार (जीईएम), पेंशन एवं सेवानिवृत्ति लाभ तथा सेवा-पुस्तिका के रखरखाव जैसे महत्त्वपूर्ण विषयों पर व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। यह सभी विषय सीधे तौर पर इस बात से जुड़े हैं कि अस्पताल का प्रशासन कितनी पारदर्शिता, गति और जवाबदेही के साथ काम करता है।

कार्यक्रम में आईएसटीएम के निदेशक एवं भारत सरकार के संयुक्त सचिव श्री राजीव मांझी सहित श्री दीपक कुमार बिष्ट (संयुक्त निदेशक), श्री गुंजन गांधी (संयुक्त निदेशक) तथा श्री अनित शिशिर केरकेट्टा (उप निदेशक) ने विषय-विशेषज्ञों के रूप में प्रशिक्षण प्रदान किया।

यह कार्यक्रम कार्यपालक निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ) नरेन्द्र कोतवाल (रि) तथा उप निदेशक (प्रशासन) श्री संदेश कुमार जैन की दूरदर्शी सोच, मार्गदर्शन एवं क्षमता निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है। उनके विजन के अनुरूप इस प्रशिक्षण का उद्देश्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नियमों और प्रक्रियाओं की व्यावहारिक समझ प्रदान करते हुए प्रशासनिक कार्यों में दक्षता, पारदर्शिता, उत्तरदायित्व एवं व्यावसायिकता को और सुदृढ़ करना है।

प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण सत्रों में सक्रिय सहभागिता करते हुए विषय-विशेषज्ञों से व्यावहारिक मार्गदर्शन प्राप्त किया तथा कार्यस्थल से संबंधित जिज्ञासाओं एवं चुनौतियों पर सार्थक चर्चा की। यह कार्यक्रम एम्स भोपाल में सतत अधिगम, क्षमता निर्माण, सुशासन एवं उत्कृष्ट कार्य-संस्कृति को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण पहल सिद्ध हो रहा है, जिसका लाभ अंततः आम नागरिकों को बेहतर, पारदर्शी और समयबद्ध अस्पताल सेवाओं के रूप में मिलेगा।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

एम्स भोपाल ने सचिवालय प्रशिक्षण एवं प्रबंधन संस्थान (आईएसटीएम) के सहयोग से ग्रुप ‘ए’, ‘बी’ और ‘सी’ अधिकारियों के लिए संगठन‑विशिष्ट प्रशिक्षण (ओएसपी) आयोजित किया। यह कार्यक्रम 7 से 9 सितम्बर तक तीन दिनों तक चला, जिससे अधिकारियों को नई प्रशासनिक क्षमताएँ और दक्षता प्राप्त हुई। यह कदम महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता और जवाबदेही बढ़ेगी, और सार्वजनिक कार्यों में पारदर्शिता तथा समयबद्धता सुनिश्चित होगी। आम जनता पर इसका असर सकारात्मक होगा, क्योंकि बेहतर प्रशिक्षित अधिकारी नागरिकों

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।