एम्स भोपाल में 2 से 4 अक्टूबर तक दर्द विशेषज्ञों का महासम्मेलन ISPCCON 2026
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एम्स भोपाल में 2 से 4 अक्टूबर तक दर्द विशेषज्ञों का महासम्मेलन ISPCCON 2026
मुख्य बिंदु: • एम्स भोपाल में 2 से 4 अक्टूबर 2026 तक दर्द प्रबंधन पर राष्ट्रीय सम्मेलन ISPCCON 2026 का आयोजन होगा।
• अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन एवं मध्य-पूर्व एशिया सहित देश-विदेश से दर्द रोग विशेषज्ञ इस सम्मेलन में भाग लेंगे।
• एम्स दिल्ली, एम्स नागपुर, एसजीपीजीआई, आरएमएल अस्पताल एवं लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज जैसे प्रमुख संस्थानों तथा निजी क्षेत्र के 100 से अधिक प्रतिष्ठित विशेषज्ञ सम्मिलित होंगे।
• सम्मेलन का आयोजन डॉ. वैशाली वैंदेशकर (विभागाध्यक्ष, निश्चेतना विज्ञान एवं आयोजन अध्यक्षा) एवं डॉ. अनुज जैन (आयोजन सचिव) के मार्गदर्शन में होगा।
• व्यावहारिक कार्यशालाओं एवं उन्नत वैज्ञानिक सत्रों के माध्यम से दीर्घकालिक दर्द (क्रॉनिक पेन) रोगियों की देखभाल में सुधार तथा कुशल स्वास्थ्य जनशक्ति तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
बढ़ती आयु वाली जनसंख्या एवं जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों में लगातार हो रही वृद्धि के कारण दर्द (पेन) आज विश्व भर में एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बनकर उभरा है। कमर दर्द, घुटनों का दर्द, खेल-कूद से जुड़ी चोटें एवं कैंसर से संबंधित दर्द जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। इन गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों से सीधे निपटने के उद्देश्य से आगामी सम्मेलन ISPCCON 2026 का आयोजन 2 से 4 अक्टूबर 2026 तक किया जा रहा है।
इस सम्मेलन में देश-विदेश के दर्द रोग विशेषज्ञों का बड़ा जमावड़ा देखने को मिलेगा। अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन एवं मध्य-पूर्व एशिया से विशेषज्ञ प्रतिनिधि इसमें भाग लेंगे। साथ ही एम्स दिल्ली, एम्स नागपुर, एसजीपीजीआई (संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान), आरएमएल अस्पताल (राम मनोहर लोहिया अस्पताल) एवं लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज जैसे देश के प्रमुख संस्थानों के साथ-साथ निजी क्षेत्र के जाने-माने दर्द विशेषज्ञ भी इसमें सम्मिलित होंगे। इस प्रकार 100 से अधिक प्रतिष्ठित विशेषज्ञ इस महत्वपूर्ण सम्मेलन का हिस्सा बनेंगे।
यह सम्मेलन डॉ. वैशाली वैंदेशकर (विभागाध्यक्ष, निश्चेतना विज्ञान एवं आयोजन अध्यक्षा) एवं डॉ. अनुज जैन (आयोजन सचिव) के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य दीर्घकालिक दर्द (क्रॉनिक पेन) से पीड़ित रोगियों की देखभाल की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है। सम्मेलन में व्यावहारिक कार्यशालाओं एवं उन्नत वैज्ञानिक सत्रों के माध्यम से चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि वे दर्द के बढ़ते बोझ से प्रभावी ढंग से निपट सकें।
यह पहल आम जनता के लिए विशेष महत्व रखती है, क्योंकि इससे प्रशिक्षित एवं कुशल स्वास्थ्य जनशक्ति तैयार होगी जो भविष्य में दर्द से जूझ रहे मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध करा सकेगी।