एम्स भोपाल में बाल चिकित्सा स्वास्थ्य जागरूकता केंद्र का शुभारंभ

एम्स भोपाल में बाल चिकित्सा स्वास्थ्य जागरूकता केंद्र का शुभारंभ
बच्चों और अभिभावकों तक पहुंचेगी प्रमाण-आधारित स्वास्थ्य जानकारी
मुख्य बिंदु:
एम्स भोपाल के बाल रोग विभाग एवं सेट समिति द्वारा बच्चों, अभिभावकों और समुदाय में बाल स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से बाल चिकित्सा स्वास्थ्य जागरूकता केंद्र का शुभारंभ किया गया।
केंद्र के शुभारंभ के अवसर पर बाल स्वास्थ्य से संबंधित दस स्वास्थ्य शिक्षा पुस्तिकाओं, रोगी एवं अभिभावक जागरूकता वीडियो तथा केंद्र के जागरूकता पोस्टरों का अनावरण किया गया।
पुस्तिकाओं को गर्भवती महिलाओं, नवजात एवं बच्चों के माता-पिता, परिवार के सदस्यों, देखभालकर्ताओं, आशा एवं एएनएम कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं तथा अन्य बाल स्वास्थ्य सेवाकर्मियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
केंद्र के माध्यम से बाल स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सरल भाषा में वैज्ञानिक, प्रमाण-आधारित और व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा, ताकि अभिभावक और स्वास्थ्यकर्मी बच्चों की स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से समझ सकें और समय पर आवश्यक कदम उठा सकें।
इस पहल में बाल रोग विभाग और सेट समिति के सदस्यों के सामूहिक प्रयास शामिल हैं। इसका उद्देश्य चिकित्सकीय सेवाओं के साथ स्वास्थ्य शिक्षा और जन-जागरूकता को भी बाल स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाना है।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर एम्स भोपाल के बाल रोग विभाग एवं सेट समिति द्वारा बाल चिकित्सा स्वास्थ्य जागरूकता केंद्र का शुभारंभ किया गया। इस केंद्र का उद्देश्य बच्चों, अभिभावकों और समुदाय को बाल स्वास्थ्य से जुड़ी सही, वैज्ञानिक और उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराना है। केंद्र के माध्यम से आम लोगों को बच्चों के स्वास्थ्य से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों को सरल भाषा में समझने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम में एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. (डॉ.) माधवानन्द कर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर डीन (अकादमिक) प्रो. डॉ. रजनीश जोशी, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. डॉ. विकास गुप्ता, बाल रोग विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. शिखा मलिक, बाल चिकित्सा स्वास्थ्य जागरूकता केंद्र के प्रभारी डॉ. योगेंद्र यादव, बाल रोग विभाग के संकाय सदस्य तथा सेट के सदस्य सहित संस्थान के अन्य चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।
केंद्र के शुभारंभ के अवसर पर बाल स्वास्थ्य से संबंधित दस स्वास्थ्य शिक्षा पुस्तिकाओं, रोगी एवं अभिभावक जागरूकता वीडियो तथा बाल चिकित्सा स्वास्थ्य जागरूकता केंद्र के जागरूकता पोस्टरों का भी अनावरण किया गया। इन पुस्तिकाओं को गर्भवती महिलाओं, नवजात एवं बच्चों के माता-पिता, परिवार के सदस्यों, देखभालकर्ताओं, आशा एवं एएनएम कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं तथा अन्य बाल स्वास्थ्य सेवाकर्मियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
इन स्वास्थ्य शिक्षा सामग्रियों के माध्यम से बाल स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सरल भाषा में वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है। इसका उद्देश्य यह है कि अभिभावक बच्चों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को बेहतर तरीके से समझ सकें और किसी स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में समय पर उचित कदम उठा सकें। इसी तरह स्वास्थ्यकर्मियों को भी बच्चों से संबंधित स्वास्थ्य जानकारी को परिवारों और समुदाय तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान प्रो. डॉ. शिखा मलिक (विभागाध्यक्ष, बाल रोग विभाग) ने अतिथियों का स्वागत किया और बाल चिकित्सा स्वास्थ्य जागरूकता केंद्र की परिकल्पना एवं उद्देश्य पर प्रकाश डाला। इसके पश्चात प्रो. डॉ. संजीव कुमार ने सेट सुविधा के गठन, टीम की भूमिका, अब तक की यात्रा एवं उपलब्धियों का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) माधवानन्द कर ने बाल स्वास्थ्य के क्षेत्र में जागरूकता और वैज्ञानिक स्वास्थ्य शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बच्चों और उनके परिवारों तक सही एवं प्रमाण-आधारित स्वास्थ्य जानकारी पहुंचाने के लिए ऐसी पहल की आवश्यकता को रेखांकित किया।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. योगेंद्र सिंह यादव ने सभी अतिथियों, संकाय सदस्यों, स्वास्थ्यकर्मियों तथा कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।
बाल चिकित्सा स्वास्थ्य जागरूकता केंद्र की स्थापना बाल रोग विभाग एवं सेट समिति के सदस्यों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। इस पहल के माध्यम से चिकित्सकीय सेवाओं के साथ-साथ स्वास्थ्य शिक्षा और जन-जागरूकता को भी बाल स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने का प्रयास किया गया है।