एम्स भोपाल और बीएमएचआरसी के बीच अनुसंधान सहयोग समझौता
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एम्स भोपाल और बीएमएचआरसी के बीच अनुसंधान सहयोग समझौता, मानसिक स्वास्थ्य में एआई पर होगा संयुक्त शोध
मुख्य बिंदु: • एम्स भोपाल और भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (बीएमएचआरसी) के बीच अनुसंधान एवं शैक्षणिक सहयोग हेतु समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए।
• यह समझौता एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ) नरेन्द्र कोतवाल (रि) तथा बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव की उपस्थिति में संपन्न हुआ।
• दोनों संस्थान संयुक्त शोध परियोजनाओं और शोध अनुदान प्राप्त करने के लिए मिलकर काम करेंगे, जिसमें मानसिक स्वास्थ्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उपयोग जैसे नए क्षेत्र शामिल हैं।
• वैज्ञानिक प्रकाशनों, पेटेंट और बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) के प्रबंधन के साथ-साथ सेमिनार, कार्यशाला और छात्र-संकाय आदान-प्रदान को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
• यह साझेदारी भोपाल में चिकित्सा अनुसंधान, नवाचार और बेहतर रोगी देखभाल की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
शहर के दो प्रमुख चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थानों ने एक साथ आने का फैसला किया है। एम्स भोपाल तथा भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (बीएमएचआरसी), भोपाल के बीच अनुसंधान एवं शैक्षणिक गतिविधियों में सहयोग को मजबूत करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसका उद्देश्य दोनों संस्थानों की विशेषज्ञता, संकाय और संसाधनों को एक मंच पर लाकर संयुक्त अनुसंधान और शैक्षणिक गतिविधियों को आगे बढ़ाना है, ताकि नए और उभरते हुए क्षेत्रों में मिलकर काम करने के अवसर बनें।
यह समझौता एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ) नरेन्द्र कोतवाल (रि) तथा बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव की उपस्थिति में निष्पादित किया गया।
समझौते के तहत दोनों संस्थान संयुक्त अनुसंधान प्रस्तावों को तैयार करने और विभिन्न शोध एजेंसियों से अतिरिक्त शोध अनुदान (एक्स्ट्रा-म्यूरल ग्रांट्स) प्राप्त करने के लिए मिलकर प्रयास करेंगे। एक-दूसरे की विशेषज्ञता और संसाधनों का उपयोग करते हुए दोनों संस्थान पारस्परिक हित के विभिन्न क्षेत्रों में शोध को आगे बढ़ाएंगे।
इस साझेदारी में नए और उभरते हुए अनुसंधान क्षेत्रों को खास तवज्जो दी जाएगी। इनमें मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उपयोग, चिकित्सा इमेजिंग तथा इलेक्ट्रॉनिक स्वास्थ्य अभिलेखों (इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड्स) के साथ एआई के एकीकरण, और एआई आधारित नैदानिक एवं निर्णय-सहायता प्रणालियों के विकास जैसे विषय शामिल हैं। इसके अलावा दोनों संस्थानों की साझा रुचि वाले अन्य अनुसंधान और नवाचार क्षेत्रों में भी संयुक्त रूप से काम किया जाएगा।
समझौते के अनुसार, संयुक्त शोध से जुड़े वैज्ञानिक प्रकाशनों, पेटेंट और बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) के संरक्षण और प्रबंधन में भी दोनों संस्थान साथ मिलकर काम करेंगे। साथ ही सेमिनार, कार्यशालाओं, सम्मेलनों और छात्र-संकाय आदान-प्रदान जैसी शैक्षणिक व वैज्ञानिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह साझेदारी भोपाल में अनुसंधान और नवाचार को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे दोनों संस्थानों के शोधकर्ता और संकाय सदस्य नए विचारों तथा संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं पर मिलकर काम कर सकेंगे, जिसका सीधा लाभ आम जनता को चिकित्सा अनुसंधान में हुई प्रगति और बेहतर रोगी देखभाल के रूप में मिलेगा।