भोपाल

एम्स भोपाल के डॉ. सुखेश मुखर्जी को चिकित्सा शिक्षा में उत्कृष्ट योगदान के लिए मिला राष्ट्रीय सम्मान

लेखक: DD Bhopal अंतिम अपडेट: 20 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
एम्स भोपाल के डॉ. सुखेश मुखर्जी को चिकित्सा शिक्षा में उत्कृष्ट योगदान के लिए मिला राष्ट्रीय सम्मान

एम्स भोपाल के डॉ. सुखेश मुखर्जी को चिकित्सा शिक्षा में उत्कृष्ट योगदान के लिए मिला राष्ट्रीय सम्मान मुख्य बिंदु: • एम्स भोपाल के जैवरसायन विभाग के प्रोफेसर डॉ. सुखेस मुखर्जी को नई दिल्ली में आयोजित पीकॉक मेडिकल एजुकेशन एक्सीलेंस अवॉर्ड्स 2026 में सम्मानित किया गया।

• यह सम्मान चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान, बेहतर प्रशिक्षण और शैक्षणिक कार्य के लिए दिया गया।

• समारोह में केंद्रीय मंत्री डॉ. राज भूषण चौधरी, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के अध्यक्ष डॉ. अभिजात चंद्रकांत शेठ, प्रो. वेदप्रकाश मिश्रा, प्रो. संघमित्रा पति और प्रो. चंद्रशेखर जनकीराम सहित देश के प्रमुख चिकित्सा शिक्षाविद और नीति-निर्माता शामिल हुए।

• कार्यक्रम में बेहतर चिकित्सा शिक्षा, विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, दक्षता आधारित शिक्षा, नैतिक चिकित्सा और विभिन्न चिकित्सा विषयों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।

एम्स भोपाल के जैवरसायन विभाग के प्रोफेसर डॉ. सुखेस मुखर्जी को चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए पीकॉक मेडिकल एजुकेशन एक्सीलेंस अवॉर्ड्स 2026 से सम्मानित किया गया।

यह सम्मान समारोह नई दिल्ली में आयोजित किया गया, जिसमें देश के चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य नीति और अकादमिक क्षेत्र से जुड़े कई प्रमुख लोग शामिल हुए। डॉ. सुखेस मुखर्जी को यह सम्मान चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान और बेहतर शैक्षणिक प्रशिक्षण के लिए दिया गया।

समारोह में केंद्रीय मंत्री डॉ. राज भूषण चौधरी, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के अध्यक्ष डॉ. अभिजात चंद्रकांत शेठ, प्रो. वेदप्रकाश मिश्रा, प्रो. संघमित्रा पति और प्रो. चंद्रशेखर जनकीराम सहित देश के प्रमुख चिकित्सा शिक्षाविद और नीति-निर्माता शामिल हुए।

देश के चिकित्सा शिक्षा और नीति क्षेत्र की इन प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम के महत्व को और बढ़ाया। कार्यक्रम में चिकित्सा शिक्षा को और बेहतर बनाने पर विशेष चर्चा हुई। इसमें विद्यार्थियों को केवल किताबी जानकारी देने के बजाय उन्हें व्यावहारिक और आवश्यक चिकित्सा कौशल सिखाने पर जोर दिया गया।

इसे दक्षता आधारित शिक्षा कहा जाता है। इसका उद्देश्य ऐसे चिकित्सक तैयार करना है जो वास्तविक मरीजों की जरूरतों को बेहतर ढंग से समझकर सही और जिम्मेदारी के साथ उपचार कर सकें। समारोह में नैतिक चिकित्सा और विभिन्न चिकित्सा विषयों के बीच बेहतर सहयोग की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।

चिकित्सा के अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञ जब मिलकर काम करते हैं, तो मरीजों की समस्याओं को अधिक व्यापक तरीके से समझने और बेहतर उपचार देने में मदद मिलती है।

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DD Bhopal

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