भोपाल

एम्स भोपाल में गैर-संकाय कर्मचारियों का क्षमता निर्माण : बेहतर प्रशासन और जनसेवा के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण

लेखक: DD Bhopal अंतिम अपडेट: 20 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
एम्स भोपाल में गैर-संकाय कर्मचारियों का क्षमता निर्माण : बेहतर प्रशासन और जनसेवा के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण

एम्स भोपाल में गैर-संकाय कर्मचारियों का क्षमता निर्माण: बेहतर प्रशासन और जनसेवा के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण मुख्य बिंदु: • एम्स भोपाल में गैर-संकाय कर्मचारियों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

• प्रशिक्षण का उद्देश्य नए कर्मचारियों को एम्स की कार्यप्रणाली, कार्यालयीन नियमों और दैनिक प्रशासनिक कार्यों की बेहतर जानकारी देकर उनकी कार्यक्षमता बढ़ाना था।

• कर्मचारियों को फाइल प्रबंधन, कार्यालय प्रक्रिया, आचरण एवं सेवा नियम, अवकाश, ई-ऑफिस, वित्तीय नियम, भंडार और खरीद प्रक्रिया सहित कई महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई।

• प्रशिक्षण श्री ज्ञानेंद्र भूषण प्रसाद (प्रशासनिक अधिकारी-I), श्री अभिषेक चौबे (प्रशासनिक अधिकारी-II), श्री स्वप्निल कर्णावत (पैक्स प्रशासक), श्री अभिषेक प्रताप सिंह (लेखा अधिकारी) और श्री ओम प्रकाश (सहायक भंडार अधिकारी) द्वारा दिया गया।

• इससे कर्मचारियों को अपने कार्य अधिक जिम्मेदारी, पारदर्शिता और दक्षता के साथ करने में मदद मिलेगी, जिसका लाभ मरीजों और आम नागरिकों को बेहतर एवं सुचारु सेवाओं के रूप में मिलेगा।

एम्स भोपाल में गैर-संकाय कर्मचारियों को उनके काम से जुड़ी जरूरी जानकारी और प्रशिक्षण देने के लिए तीन दिवसीय इन-हाउस प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों को एम्स की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में केंद्रीय सिविल सेवा आचरण नियम, केंद्रीय सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील नियम तथा अवकाश नियमों की जानकारी दी गई। कर्मचारियों को ई-ऑफिस के उपयोग, सामान्य वित्तीय नियम और वित्तीय मामलों से संबंधित प्रक्रियाओं के बारे में भी बताया गया।

इसके अलावा भंडार प्रबंधन और सामान की खरीद से जुड़ी प्रक्रियाओं पर भी प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण सत्र एम्स भोपाल के अनुभवी अधिकारियों द्वारा संचालित किए गए।

इनमें श्री ज्ञानेंद्र भूषण प्रसाद (प्रशासनिक अधिकारी-I), श्री अभिषेक चौबे (प्रशासनिक अधिकारी-II), श्री स्वप्निल कर्णावत (पैक्स प्रशासक), श्री अभिषेक प्रताप सिंह (लेखा अधिकारी) और श्री ओम प्रकाश (सहायक भंडार अधिकारी) शामिल रहे।

सभी अधिकारियों ने अपने-अपने कार्यक्षेत्र से जुड़े नियमों और प्रक्रियाओं की जानकारी कर्मचारियों को दी। तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंत में कर्मचारियों का अंतिम मूल्यांकन भी किया गया। इससे प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों द्वारा प्राप्त जानकारी और उनकी समझ का आकलन किया गया।

एम्स भोपाल की यह पहल कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। संस्थान में नियमित प्रशिक्षण से कर्मचारियों को अपने दायित्व बेहतर ढंग से निभाने में मदद मिलेगी।

इससे कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी तथा मरीजों, उनके परिजनों और आम नागरिकों को अधिक प्रभावी और सुचारु जनसेवाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।

D
DD Bhopal

वॉयस ऑफ क्रांति की संपादकीय टीम आपके लिए भोपाल, मध्यप्रदेश और देश की सटीक और विश्वसनीय समाचार प्रस्तुत करती है।