एम्स भोपाल में रोजाना 1,300 से अधिक जांचें और 18 से 20 डायलिसिस
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एम्स भोपाल द्वारा पूरी लगन और उपलब्द्ध संसाधनों के साथ मरीजों की सेवा कर रहा है। सेवा के इसी अटूट विश्वास के चलते हजारों मरीज प्रतिदिन उपचार के लिए एम्स पहुँच रहे हैं। मरीजों की बड़ी संख्या के बावजूद, एम्स द्वारा उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग करते हुए तथा मरीजों की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए लगातार दिन-रात संवेदनशीलता और समर्पण के साथ उनका उपचार किया जा रहा है।
इलाज के प्रति एम्स के इसी विश्वास में भ्रम पैदा करने के लिये एक समाचार पत्र द्वारा संस्था के बारे में झूठे आंकड़ों के जरिये गलत जानकारियां फैलाई जा रही है। यहाँ मरीजों की बढ़ती संख्या के बावजूद प्रतिदिन औसतन 18 से 20 डायलिसिस किए जा रहे हैं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों के चेहरों पर मुस्कान लौट रही है।
इसी मुस्कान और विश्वास चलते एम्स में इलाज के लिये आने वाले मरीजों की संख्या प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। इसी प्रकार से रेडियोलॉजी विभाग में मरीजों के इलाज के लिये औसतन प्रतिदिन 1300 से 1500 से अधिक जांच की जा रही है। महज पिछले मंगलवार को विभाग में कुल 1,333 रेडियोलॉजी जांचें की गईं, जिनमें 958 एक्स-रे, 207 सोनोग्राफी, 99 सीटी स्कैन, 34 एमआरआई, 27 डेक्सा स्कैन, 6 मैमोग्राफी और 2 फ्लोरोस्कोपी जांच शामिल हैं।
यह आंकड़े कतिपय रूप से प्रचारित आंकड़ों के विरुद्ध और असत्य हैं। यहां विभाग में आपातकालीन एवं गंभीर मरीजों की जांच तत्काल की जा रही है। सभी मरीजों के बेहतर इलाज के लिये डाक्टरों द्वारा प्रत्येक मरीज की स्थिति के अनुसार जांच के लिये प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे सभी मरीजों का बेहतर इलाज हो सके।
रेडियोलॉजी एवं इमेजिंग विभाग में मरीजों को रेडियोलॉजी जांचों के लिए अनावश्यक रूप से लंबी प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ रही है। एक समाचार पत्र द्वारा डायलिसिस, अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन, एमआरआई और मेमोग्राफी जैसी जांचों के बारे में गलत आंकड़े प्रचारित करके मरीजों में भ्रम और अविश्वास की कोशिश की जा रही है।
यही नहीं मरीजों की व्यक्तिगत जानकारी का प्रचार करके उनकी गोपनीयता के अधिकार के हनन का प्रयास भी किया गया है।