राजनीति

एनएलयू के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने में सहयोग करेगी प्रदेश सरकारः मुख्यमंत्री

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
एनएलयू के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने में सहयोग करेगी प्रदेश सरकारः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय से जुड़े विभिन्न विषयों की समीक्षा की

अगस्त 11, शिमला (हिमाचल प्रदेश): मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एनएलयू), शिमला के मौजूदा बुनियादी ढांचे के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण में सहयोग करेगी।

मुख्यमंत्री ने वीरवार देर सायं विश्वविद्यालय से जुड़े विभिन्न विषयों की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार विश्वविद्यालय के बुनियादी ढांचे को और सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है तथा उन्होंने विश्वविद्यालय को अपने संसाधन स्वयं सृजित करने पर भी बल दिया। ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार छात्राओं और छात्रों के लिए छात्रावासों के निर्माण में सहयोग करेगी।

उन्होंने छात्राओं के छात्रावास की सीमा के साथ कंटीले तारों की बाड़ लगाने के निर्देश भी दिए ताकि सुरक्षा को बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि परिसर में कम वोल्टेज की समस्या के समाधान के लिए नया ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाएगा तथा छात्रावास के ऊपर से गुजर रही एचटी लाइन को स्थानांतरित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने विद्यार्थियों और अन्य कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए परिसर के भीतर ओवरहेड विद्युत तारों को भूमिगत करने के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाने का भी आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने जल शक्ति विभाग को सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने के लिए उपयुक्त स्थल चिन्हित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि पेयजल की कमी की समस्या के समाधान के लिए प्रदेश सरकार पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाएगी। हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, शिमला की कुलपति प्रो. प्रीति सक्सेना ने विश्वविद्यालय की लंबे समय से लंबित समस्याओं के समाधान के लिए विशेष ध्यान देने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

बैठक में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावालिया, महाधिवक्ता अनूप रतन, मुख्य सचिव के.के. पंत, प्रधान सचिव देवेश कुमार, सचिव शिक्षा राकेश कंवर तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।