एनएसओ की रिपोर्ट में खुलासा:चौंका रही बेरोजगारी... जयपुर में 12.8 प्रतिशत पर पहुंची दर, भीलवाड़ा में महज 2 फीसदी
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के ताजा आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण ने राजस्थान के रोजगार बाजार की एक दिलचस्प तस्वीर पेश की है। 18 सितंबर को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, वस्त्रनगरी भीलवाड़ा श्रम भागीदारी और रोजगार के मोर्चे पर प्रदेश के चयनित जिलों में अव्वल है, जबकि राजधानी जयपुर इस मामले में सबसे पीछे नजर आ रही है।
चयनित 10 जिलों में जयपुर की बेरोजगारी दर सबसे ज्यादा 12.8 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो राजस्थान के औसत (4.3%) से लगभग तीन गुना है। वहीं, राज्य की समग्र श्रम बल भागीदारी दर 64.5% और श्रमिक जनसंख्या अनुपात 61.7% रहा है। भीलवाड़ा में सिर्फ 11.1% युवा न रोजगार में, न शिक्षा-प्रशिक्षण में, जयपुर में 10 फीसदी भीलवाड़ा में 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के केवल 11.1% युवा ही ऐसे हैं जो शिक्षा, रोजगार या प्रशिक्षण से दूर हैं (यानी 88.9% युवा सक्रिय हैं)।
जयपुर की स्थिति इसके उलट है। युवाओं में शिक्षा-रोजगार से दूरी का अनुपात 29.2% है, और श्रमिक जनसंख्या अनुपात गिरकर महज 48.3% पर आ गया है। यानी आधी आबादी भी कामकाजी नहीं है। जबकि, जयपुर ग्रामीण में हैरान करने वाली बात यह है कि शहरी जयपुर जहां 12.8% बेरोजगारी झेल रहा है, वहीं जयपुर ग्रामीण में बेरोजगारी मात्र 3.9% और श्रमिक जनसंख्या अनुपात 61.6% दर्ज किया गया है।
हिमाचल के हमीरपुर जिले की श्रम बल में सबसे ज्यादा भागीदारी अगर देश के चयनित जिलों के रिकॉर्ड को देखें हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में श्रम बल भागीदारी 83.5% है, जबकि इसी प्रदेश का लाहौल-स्पीति जिला देशभर में दूसरे नंबर पर हैं, यहां 81.2 प्रतिशत श्रम बल भागीदारी है। तीसरे नंबर पर जम्मू-कश्मीर का ऊधमपुर जिला है, जहां 77.9% भागीदारी है।
उदयपुर में बेरोजगारी दर 2.7%, दौसा व जोधपुर ग्रामीण भी बेहतर श्रम बल भागीदारी और रोजगार के मामले में उदयपुर जिला भीलवाड़ा के ठीक बाद दूसरे सबसे मजबूत पायदान पर खड़ा है। उदयपुर में श्रम बल भागीदारी दर 70.0% और श्रमिक जनसंख्या अनुपात 68.2% दर्ज किया गया है, यहां बेरोजगारी दर 2.7% है और शिक्षा, रोजगार या प्रशिक्षण से दूर युवा 12.4% हैं।
इसके अलावा, दौसा (बेरोजगारी 3.4%) और जोधपुर ग्रामीण (बेरोजगारी 2.9%) में भी स्थिति बेहतर है। इसके विपरीत, अलवर (बेरोजगारी 8.1%) और कोटा (बेरोजगारी 6.4%) जैसे जिलों में भी जयपुर की तरह रोजगार व कौशल से जुड़ी बड़ी चुनौतियां सामने आई हैं।
📡 स्रोत: NewsData.io