एनसीआर के पांच जिलों में 7 और 8 नवंबर को निर्धारित समय पर ही चलेंगे ग्रीन पटाखे
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जयपुर, 4 नवंबर। राजस्थान के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में शामिल अलवर, भरतपुर, डीग, खैरथल-तिजारा और कोटपूतली-बहरोड़ जिलों में केवल सीएसआईआर-नीरी से प्रमाणित ग्रीन पटाखे चलाने की अनुमति होगी। ये पटाखे 7 और 8 नवंबर को सुबह 6 से 7 बजे तथा रात 8 से 10 बजे तक ही चलाए जा सकेंगे। निर्धारित समय के अलावा पटाखे चलाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने बुधवार को एनसीआर क्षेत्र में आगामी दिवाली के मध्येनजर वायु प्रदूषण नियंत्रण के उपायों की समीक्षा बैठक में ये निर्देश दिए। उन्होंने दीपावली के मद्देनजर राज्य सरकार और उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों की प्रभावी पालना सुनिश्चित करने को कहा। अस्पतालों, नर्सिंग होम, प्राथमिक एवं जिला स्वास्थ्य केंद्रों, वृद्धाश्रमों और शैक्षणिक संस्थानों को शांत क्षेत्र एवं नो-क्रैकर जोन घोषित किया गया है। इन संस्थानों के 300 मीटर के दायरे में पटाखे चलाने की अनुमति नहीं होगी।
बैठक में बताया गया कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के आदेश के अनुसार एनसीआर क्षेत्र में 5 से 20 नवंबर तक धूल उत्पन्न करने वाली विध्वंस और खुले में होने वाली निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा। यह आदेश राजस्थान के एनसीआर जिलों में भी लागू होगा।
मुख्य सचिव ने निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट के प्रभावी प्रबंधन के लिए डैशबोर्ड के माध्यम से नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क की धूल नियंत्रित करने के लिए मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग मशीनों का अधिकतम उपयोग और उनका संचालन दो पारियों में सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही, संबंधित विभागों को आवश्यक प्रक्रियाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए।
उन्होंने एनसीआर क्षेत्र में यातायात प्रबंधन की समीक्षा करते हुए प्रमुख मार्गों पर दबाव कम करने और आवागमन सुगम बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा। पेट्रोल पंपों पर ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) प्रणाली स्थापित करने के संबंध में भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि परिवहन विभाग ने 'नो पीयूसीसी, नो फ्यूल' व्यवस्था के तहत वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र नहीं रखने वाले पांच हजार से अधिक वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की है।
बैठक में राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल की अध्यक्ष अपर्णा अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव वन एवं पर्यावरण आनंद कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवासन आलोक गुप्ता, पुलिस महानिदेशक (यातायात) मालिनी अग्रवाल, प्रमुख शासन सचिव परिवहन भवानी सिंह देथा, प्रमुख शासन सचिव कृषि मंजू राजपाल, शासन सचिव पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन शैलजा देवल, मंडल के सदस्य सचिव कपिल चंद्रवाल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।