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एंटीलिया केस, आरोपी इंस्पेक्टर वझे की जमानत पर रोक:हाईकोर्ट बोला- API रैंक का अफसर मर्सिडीज-बीएमडब्ल्यू जैसी महंगी कारें कैसे इस्तेमाल करता था

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 9 अक्टूबर 2026 👁️ 3 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
एंटीलिया केस, आरोपी इंस्पेक्टर वझे की जमानत पर रोक:हाईकोर्ट बोला- API रैंक का अफसर मर्सिडीज-बीएमडब्ल्यू जैसी महंगी कारें कैसे इस्तेमाल करता था

बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को पूर्व API सचिन वजे की महंगी कारों और ओबेरॉय होटल में 100 दिन ठहरने पर सवाल उठाए। NIA की जमानत के खिलाफ याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पूछा कि असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर रैंक का अफसर मर्सिडीज और बीएमडब्ल्यू जैसी महंगी कारें कैसे इस्तेमाल करता था। NIA ने बताया कि वजे इन कारों से पुलिस कमिश्नर के ऑफिस और मुख्यमंत्री के बंगले तक जाते थे।

कोर्ट ने इन तथ्यों को वजे पर लगे जबरन वसूली के आरोपों से जोड़कर देखा। वजे 2021 के एंटीलिया बम कांड और कारोबारी मनसुख हिरेन की हत्या के आरोपी हैं। NIA ने विशेष अदालत के 29 सितंबर के जमानत आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। हाईकोर्ट ने वजे की जमानत पर रोक 14 अक्टूबर तक बढ़ा दी है। वह फिलहाल ठाणे सेंट्रल जेल में है।

ओबेरॉय होटल में 100 दिन ठहरने पर सवाल ओबेरॉय होटल में 100 दिन ठहरने पर कोर्ट ने पूछा- API की सैलरी से यह कैसे संभव?

कोर्ट ने सचिन वजे के ओबेरॉय होटल में करीब 100 दिन ठहरने पर भी सवाल उठाए। जस्टिस गिरीश कुलकर्णी ने पूछा कि API रैंक के अधिकारी की सैलरी से इतने महंगे होटल में रहना कैसे संभव है। NIA की ओर से बताया गया कि API की मासिक सैलरी 90 हजार रुपए से ज्यादा नहीं होती। कोर्ट ने कहा कि ये बातें वजे पर लगे जबरन वसूली के आरोपों से जुड़ी हैं।

एंटीलिया के बाहर मिली थी विस्फोटक से भरी SUV 25 फरवरी 2021 को मुकेश अंबानी के मुंबई स्थित घर एंटीलिया के बाहर विस्फोटक से भरी SUV मिली थी। यह कार कारोबारी मनसुख हिरेन की थी। 5 मार्च को हिरेन का शव ठाणे की एक खाड़ी में मिला था। इसी मामले में वजे आरोपी है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पूछा कि SUV में मिले बैग और जिलेटिन स्टिक वजे ने कहां से खरीदी थीं।

NIA ने कहा कि जांच में इसका पता नहीं चला है। एजेंसी के मुताबिक, वजे ने जांच में सहयोग नहीं किया। NIA ने जमानत का विरोध किया NIA ने बॉम्बे हाईकोर्ट में कहा कि सचिन वजे को किसी भी शर्त पर जमानत नहीं देना चाहिए। कोर्ट ने पूछा था कि वजे को कड़ी शर्तों के साथ जमानत देने में क्या नुकसान है, क्योंकि वह 5 साल से ज्यादा समय से जेल में हैं।

NIA के एडिशनल सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह ने कहा कि वजे के गवाहों को प्रभावित करने और सबूत नष्ट करने की आशंका है। उन्होंने कहा कि वजे पर पहले भी फर्जी एनकाउंटर का आरोप लगा था। पुलिस अधिकारी होने

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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