एस. जयशंकर ने UN में सुधार की जरूरत पर दिया जोर
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सितंबर 25, नई दिल्ली: विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने जमैका, घाना और सूरीनाम के विदेश मंत्रियों के साथ ईस्ट-वेस्ट सेंटर के अध्यक्ष सेलेस्ट कॉनर्स के साथ 'रप्चर्स एंड रैम्पार्ट्स: बिल्डिंग ब्रिजेज फॉर ए चेंजिंग वर्ल्ड' विषय पर संवाद किया।
बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि संयुक्त राष्ट्र आज भी वैश्विक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन बदलती परिस्थितियों और ग्लोबल साउथ की आकांक्षाओं को देखते हुए इसमें सुधार की जरूरत है।
विदेश मंत्री ने कहा कि भू-राजनीतिक तनाव, संघर्ष, जलवायु परिवर्तन, आर्थिक अनिश्चितता और तकनीकी बदलावों के बीच ग्लोबल साउथ की आवाज अहम बनी रहेगी।
उन्होंने कहा कि दुनिया केवल दो ध्रुवों के विकल्पों से तय नहीं होगी, बल्कि देश अपने हितों, मूल्यों और भरोसे के आधार पर फैसले लेते रहेंगे।
(स्रोत- @DrSJaishankar)
💡 पृष्ठभूमि (Background)
यह विषय संयुक्त राष्ट्र के सुधार के लिए ज़रूरी बदलावों पर चर्चा है, जिसमें ग्लोबल साउथ की मांगों को ध्यान में रखते हुए संगठन को अधिक समावेशी और प्रभावी बनाया जाए। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि वर्तमान में यूएन की संरचना और निर्णय लेने की प्रक्रियाएँ अक्सर विकसित देशों के पक्ष में झुकी हुई हैं, जिससे विकासशील देशों की आवाज़ कमजोर पड़ती है। यदि सुधार सफल होते हैं तो आम जनता को बेहतर वैश्विक शांति, आर्थिक सहायता और मानवीय सहायता मिल सकती है, जिससे गरीबी घटेगी और विकास के अवसर बढ़ेंगे।