एसआईआर में अनियमितताओं को लेकर भाजपा ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
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Relevance: PRIORITY Slug: BJP CEO GYAPAN Short Headline: एसआईआर में अनियमितताओं को लेकर भाजपा ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को सौंपा ज्ञापन Synopsis: एसआईआर में अनियमितताओं को लेकर भाजपा ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को सौंपा ज्ञापन, बरहेट में सरकारी अधिकारी की मौजूदगी समेत कई मामलों में जांच की मांग।
Category: Elections , Planning , Politics Deadline : 04 SEPTEMBER, RANCHI 04 सितंबर, रांची: विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष और SIR संयोजक राकेश प्रसाद के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बरहेट में झामुमो की बैठक में बीडीओ-सह-अंचलाधिकारी अंशु कुमार पाण्डेय की मौजूदगी पर आपत्ति जताते हुए उच्चस्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग की गई। भाजपा ने इसे निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता और प्रशासनिक तटस्थता से जुड़ा गंभीर मामला बताया।
वहीं, रांची विधानसभा क्षेत्र में कुछ बीएलओ द्वारा फॉर्म-7 स्वीकार नहीं किए जाने की शिकायत भी उठाई गई। भाजपा ने संबंधित बीएलओ को फॉर्म-7 प्राप्त करने का स्पष्ट निर्देश देने की मांग की। इसके अलावा SIR के दौरान जाति, आय, स्थानीय निवासी और ईडब्ल्यूएस प्रमाण-पत्र ऑफलाइन जारी किए जाने के आदेश पर भी भाजपा ने सवाल उठाए।
पार्टी ने ऐसे प्रमाण-पत्रों के आधार पर किए जाने वाले दावों का उचित सत्यापन सुनिश्चित करने की मांग की। भाजपा ने कुछ क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या में असामान्य वृद्धि की जांच के साथ संभावित मृत, डुप्लीकेट, स्थानांतरित और अपात्र मतदाताओं के नामों का सत्यापन कर नियमानुसार कार्रवाई की भी मांग की।
प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश मंत्री मनीर उरांव, प्रदेश प्रवक्ता मृत्युंजय शर्मा और अनिल सिंह शामिल रहे।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
एसआईआर (साक्षरता और सूचना संसाधन) में अनियमितताओं की रिपोर्ट के बाद भाजपा ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है, जिसमें बरहेट में सरकारी अधिकारी की मौजूदगी और अन्य मामलों की जांच का अनुरोध किया गया है। यह विषय चुनावी प्रक्रियाओं की पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़ा है, जिससे मतदाता विश्वास प्रभावित हो सकता है। खबर का महत्व इसलिए है क्योंकि यह दर्शाती है कि राजनीतिक दल चुनावी संस्थाओं पर निगरानी रख रहे हैं और अनियमितताओं को सुलझाने के लिए कदम उठा रहे हैं। यदि जांच के बाद सुधारात्मक कार्रवा