राजनीति

एसआईआर को लेकर भाजपा का कांग्रेस पर हमला, आरोपों को बताया भ्रामक

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 1 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
एसआईआर को लेकर भाजपा का कांग्रेस पर हमला, आरोपों को बताया भ्रामक

अक्तूबर 01, लाहौल-स्पीति (हिमाचल प्रदेश): लाहौल-स्पीति भाजपा के द्वारा केलांग में स्थित परिधि गृह में आयोजित प्रेस वार्ता में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं पूर्व स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने कांग्रेस और विपक्षी दलों द्वारा एसआईआर यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उससे जुड़े विषयों पर चर्चा तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए। परमार ने कहा कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण एक निर्धारित प्रक्रिया है, जिसमें बूथ स्तर पर मतदाताओं के नाम, आयु और पते का सत्यापन किया जाता है। उन्होंने कहा कि पात्र नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 की व्यवस्था भी जारी है।

उन्होंने चुनाव आयोग पर लगाए जा रहे आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि प्रत्येक पात्र नागरिक को मताधिकार मिले और मतदाता सूची अद्यतन रहे, यही लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती है। प्रेस वार्ता में लाहौल-स्पीति के पूर्व विधायक एवं भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रवि ठाकुर, विधायक डॉ. जनक राज, भाजपा जिला अध्यक्ष रिगजिन हायरापा और जिला महामंत्री संजय कटोच भी मौजूद रहे।

कैप्शन: प्रेसवार्ता के दौरान भाजपा नेता व पूर्व स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार व अन्य नेता

💡 पृष्ठभूमि (Background)

एसआईआर यानी ‘Special Investigation Report’ या ‘Special Intelligence Report’ का मतलब है मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के लिए विशेष रिपोर्ट। यह विषय चुनाव आयोग के कार्यों और मतदाता सूचियों की शुद्धता से जुड़ा है, जिस पर अक्सर राजनीतिक दलों के बीच विवाद होते हैं। यह खबर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भाजपा ने कांग्रेस पर इस विषय पर गलत आरोप लगाने का आरोप लगाया है, जिससे चुनावी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और विश्वास पर सवाल उठते हैं। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि मतदाता सूचियों की विश्वसनीयता पर स

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।