खेल

एशियन खेलों में कांस्य पदक विजेता धाविका सीमा ने युवा पीढ़ी से नशे दूरी बनाए रखने का किया आह्वान

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 5 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
एशियन खेलों में कांस्य पदक विजेता धाविका सीमा ने युवा पीढ़ी से नशे दूरी बनाए रखने का किया आह्वान

अक्तूबर 05, चंबा (हिमाचल प्रदेश): एशियन खेलों में कांस्य पदक हासिल करने वाली चम्बा जिला की उड़नपरी धाविका सीमा ने आज की युवा पीढ़ी से नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूरी बनाए रखने का आह्वान किया है ताकि निरंतर नशे की चपेट में आ रहे हिमाचल प्रदेश को इसके चंगुल से निकाला जा सके। ये बात कांस्य पदक हासिल करने के पश्चात चम्बा जिला पहुंची सीमा ने अपने सम्बोधन में कही।

सीमा कल देर शाम अपने पैतृक गांव रेटा पहुंची जहाँ ग्रामीणों व परिजनों ने फूल मालाओं से उसका स्वागत किया। करीब एक साल बाद अपनी माता से मिलने पर सीमा ने सबसे पहले अपना मैडल उन्हें पहनाया और उनका आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर पूरे देशवासियों का अपार स्नेह देने के लिए आभार जताते हुए सीमा ने इस पदक का श्रेय अपनी माता को दिया।

सीमा के अनुसार अपनी इस यात्रा की शुरुआत उन्होंने वर्ष 2012 में की थी। उस समय पिता का साया भी सर से उठ चुका था। 2015 में ट्रायल देने के बाद उनका चयन हॉस्टल में हुआ। उस समय गांव की लड़कियों को घर से दूर नहीं भेजा जाता था लेकिन उनकी माता ने उन्हें नहीं रोका और हर समय उनके साथ रही जिसका ही नतीजा है कि आज वे इस मुकाम तक पहुंची है।

सीमा ने कहा की भारत देश के लिए भविष्य में भी पदक लाने के उनके ये प्रयास जारी रहेंगे। इस अवसर पर मौजूद एचपीसीए के सचिव मनुज शर्मा ने सीमा को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी और कहा कि अब अगला लक्ष्य ओलंपिक है। उन्हें उम्मीद है कि ओलंपिक में भी सीमा बेहतर प्रदर्शन करेगी और देश सहित हिमाचल व जिला चम्बा का नाम रोशन करेगी।

बाइट: सीमा, धाविका बाइट: मनुज शर्मा, सचिव, एचपीसीए

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।