एशियन खेलों की कांस्य पदक विजेता सीमा ने किया नशे से दूर रहने का आह्वान
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एशियन खेलों में कांस्य पदक हासिल करने वाली चंबा जिला की उड़नपरी सीमा अपने पैतृक गांव रेटा पहुंचीं। गांव पहुंचने पर ग्रामीणों और परिजनों ने फूल-मालाओं से उनका जोरदार स्वागत किया। करीब एक वर्ष बाद अपनी मां से मिलने पहुंची सीमा ने सबसे पहले अपना पदक मां को पहनाया और उनका आशीर्वाद लिया।
इस दौरान सीमा ने युवाओं से नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश लगातार नशे की चपेट में आ रहा है और युवा पीढ़ी को इससे बचाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
सीमा ने देशवासियों की ओर से मिले स्नेह के लिए आभार जताते हुए अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां को दिया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2012 में उन्होंने खेल की यात्रा शुरू की थी। उस समय उनके पिता का निधन हो चुका था। वर्ष 2015 में ट्रायल के बाद उनका चयन हॉस्टल के लिए हुआ। उस दौर में गांव की लड़कियों को घर से दूर भेजना आसान नहीं था, लेकिन उनकी मां ने उनका साथ दिया और उन्हें आगे बढ़ने से नहीं रोका। सीमा ने कहा कि देश के लिए भविष्य में भी पदक जीतने के प्रयास जारी रखेंगी।
इस मौके पर एचपीसीए सचिव मनुज शर्मा ने भी सीमा को एशियन खेलों में उपलब्धि के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि अब सीमा का अगला लक्ष्य ओलंपिक होना चाहिए और उम्मीद जताई कि वह वहां भी बेहतर प्रदर्शन कर देश, हिमाचल और चंबा का नाम रोशन करेंगी।
बाइट : सीमा
बाइट : एच पी सी ए सचिव मनुज शर्मा
💡 पृष्ठभूमि (Background)
सीमा, एशियन खेलों में कांस्य पदक विजेता, अपने गांव रेटा में नशे से दूर रहने का आह्वान करती हैं। यह विषय युवा समाज में नशे की बुराई पर जागरूकता बढ़ाने का है। खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि सीमा ने अपनी उपलब्धि के साथ सामाजिक संदेश दिया, जिससे नशे के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। इस कदम से आम जनता, विशेषकर युवा वर्ग, पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, क्योंकि वे नशे के खतरे को समझकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।