EWS सीटों में कटौती पर जबलपुर हाईकोर्ट सख्त:444 पदों की भर्ती में 10% आरक्षण के बजाय 37 सीटें करने पर चार सप्ताह में मांगा स्पष्टीकरण
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कृषि विभाग की भर्ती प्रक्रिया में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) की आरक्षित सीटों में कटौती को गंभीरता से लिया है। जस्टिस विशाल धगत की एकलपीठ ने कृषि विभाग समेत संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है। मामला कृषि विभाग में 444 पदों की भर्ती से जुड़ा है।
नियमानुसार कुल पदों में 10 प्रतिशत सीटें EWS वर्ग के लिए आरक्षित होनी चाहिए थीं। याचिकाकर्ता का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान EWS की सीटें घटाकर महज 37 कर दी गईं, जबकि कटौती का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया।
याचिकाकर्ता ने कहा-सीटें कम होने से हित प्रभावित नर्मदापुरम निवासी मोहित सिंह परमार ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अमित पांडे ने कोर्ट में तर्क दिया कि निर्धारित नियमों के विपरीत EWS सीटों में कमी करना अवैधानिक और मनमाना है।
इससे आरक्षित वर्ग के कई योग्य अभ्यर्थियों के चयन के अवसर प्रभावित हो रहे हैं। चार सप्ताह बाद होगी सुनवाई मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कृषि विभाग और अन्य अनावेदकों से विस्तृत जवाब मांगा है। अब चार सप्ताह बाद होने वाली सुनवाई में विभाग का पक्ष सामने आने के बाद हाईकोर्ट आगे की कार्रवाई तय करेगा।
📡 स्रोत: NewsData.io