Explained: अक्टूबर से बढ़ती महंगाई के लिए हो जाएं तैयार! लेकिन क्यों? एक्सपर्ट से जानें- 4 बड़े कारण
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भारत में महंगाई ने फिर से रफ्तार पकड़ ली है.
अगस्त 2026 में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 4.82 फीसदी हो गई, जो जनवरी 2025 के बाद सबसे ऊंची है. पिछले महीने यानी जुलाई में यह 4.45 फीसदी थी. खाने-पीने की चीजों की महंगाई दर 5.95 फीसदी तक पहुंच गई है.
सबसे बड़ी बात यह है कि महंगाई अब सिर्फ खाने-पीने और ईंधन तक सीमित नहीं रही है.
यह धातुओं, सेवाओं और दूसरी चीजों तक फैल चुकी है. आखिर महंगाई बढ़ने की बड़ी वजहें क्या हैं...
<a title="इकोनॉमिक एक्सपर्ट और JNU के रिटायर्ड प्रोफेसर डॉ.
अरुण कुमार" href="https://www.penguin.co.in/book_author/arun-kumar/" target="_self">इकोनॉमिक एक्सपर्ट और JNU के रिटायर्ड प्रोफेसर डॉ. अरुण कुमार महंगाई बढ़ने की 4 बड़ी वजहें बताते हैं...
वजह- 1: कच्चा तेल 100 डॉलर के पार, हर चीज महंगी
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है, जो अपनी जरूरत का 88 फीसदी से ज्यादा कच्चा तेल बाहर से खरीदता है.
ब्रेंट क्रूड की कीमत सितंबर 2026 में 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गई और 29 सितंबर को 107 डॉलर तक पहुंच गई.
भारत का कच्चा तेल आयात बास्केट 8 सितंबर को 108.91 डॉलर प्रति बैरल पर था.
इसका सीधा मतलब यह है कि परिवहन, लॉजिस्टिक्स, खाद, कीटनाशक और पैकेजिंग सब महंगे हो जाते हैं. डीजल भारत की आपूर्ति श्रृंखला की रीढ़ है, इसलिए इसका असर हर चीज पर पड़ता है.
अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच भारत का कच्चा तेल आयात बिल 56 फीसदी बढ़कर 63.4 अरब डॉलर हो गया, जबकि आयात की मात्रा लगभग समान रही.
हर 1 डॉलर की बढ़ोतरी देश के सालाना आयात बिल में लगभग 18,000 करोड़ रुपए जोड़ देती है.
सितंबर में पेट्रोल पर प्रति लीटर 5 रुपए और डीजल पर 23 रुपए का नुकसान हो रहा है, जिसका असर आगे कीमतों पर पड़ेगा.
वजह- 2: मानसून की मार, खाने की चीजें महंगी
भारत <a title="मौसम" href="https://www.abplive.com/weather" data-
📡 स्रोत: ABP Live Vyapar