Explained: भारत के 30 करोड़ बेसिक मोबाइल फोन यूजर्स को राहत, TRAI ने कर दिया ये बड़ा ऐलान
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टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने आधिकारिक तौर पर 'टेलीकॉम कंज्यूमर प्रोटेक्शन (तेरहवां संशोधन) रेगुलेशन, 2026' जारी किया है.
इससे लगभग 30 करोड़ मोबाइल यूजर्स को बड़ी राहत मिली है.
खासकर उन लोगों को अधिक राहत मिली है जो फीचर फोन इस्तेमाल करते हैं या कम आय वाले ग्रुप से हैं और मोबाइल डेटा का इस्तेमाल नहीं करते हैं.
इस नए नियम के तहत, टेलीकॉम कंपनियों जैसे रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया के लिए यह ज़रूरी कर दिया गया है कि वे सस्ते, सिर्फ वॉइस और SMS वाले रिचार्ज वाउचर ऑफर करें.
ऐसा इसलिए किया गया है ताकि ग्राहकों को ऐसे डेटा बंडल के लिए पैसे न देने पड़ें जिनकी उन्हें ज़रूरत नहीं है.
TRAI के आदेश की मुख्य बातें
कीमत में कटौती: वॉइस, SMS और डेटा वाले हर बंडल प्लान के लिए, ऑपरेटर्स को अब उसी अनुपात में कम कीमत पर सिर्फ वॉइस और SMS वाला पैक भी देना होगा.
कम वैलिडिटी वाले ज़रूरी विकल्प: टेलीकॉम ऑपरेटर्स को 30 दिन या उससे कम वैलिडिटी वाले सभी प्लान के लिए ये विकल्प देने होंगे.
पहले, ज़्यादातर स्टैंडअलोन प्लान लंबी वैलिडिटी (जैसे 84 या 365 दिन) तक ही सीमित थे.
सही मायने में हर महीने रिन्यू होने वाला प्लान: ऑपरेटर्स को कम से कम एक ऐसा वॉइस-और-SMS वाउचर देना होगा जो हर महीने ठीक उसी तारीख को रिन्यू हो.
इससे बिना डेटा वाले यूज़र्स के लिए 28-दिन के सख्त बिलिंग साइकल की ज़रूरत खत्म हो जाएगी.
अगर किसी महीने में वह खास तारीख नहीं आती है (जैसे 29 फरवरी), तो प्लान उस महीने के आखिरी दिन रिन्यू होगा.
टैरिफ लॉक-इन में रुकावट: यह फ़ैसला हाल ही में बढ़ाई गई टैरिफ कीमतों और ऑपरेटर्स की उन आक्रामक रणनीतियों से सीधे निपटता है, जिनका मकसद 2G फ़ीचर-फ़ोन यूज़र्स को महंगे 4G/5G डेटा-बंडल वाले प्लान लेने के लिए मजबूर करना था.
रेगुलेशन में यह बदलाव टेलीकॉम की कीमतों में निष्पक्षता सुनिश्चित करता है.
📡 स्रोत: ABP Live