फर्जी KYC लिंक ने उड़ाई कपल की नींद, अब SBI ग्राहक को देगा 1.35 लाख
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केवाईसी अपडेट करने के नाम पर आने वाला एक मैसेज आपकी जमा-पूंजी पर भारी पड़ सकता है.
केरल में एक दंपति के साथ ऐसा ही मामला सामने आया, जिसमें फर्जी लिंक के जरिए बैंक खाते से लाखों रुपये निकलने का आरोप लगा.
अब उपभोक्ता आयोग ने भारतीय स्टेट बैंक को शेष रकम लौटाने और मुआवजा देने का निर्देश दिया है.
यह मामला साल 2023 का है, केरल के एक दंपति का भारतीय स्टेट बैंक में बचत खाता था.
पति ने बैंक में तीन महीने के लिए 10 लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) भी कराई थी. 7 जनवरी 2023 को जब उन्होंने बैंक के ऐप के माध्यम से अपने क्रेडिट कार्ड का बिल चुकाने की कोशिश की, तो भुगतान नहीं हो सका.
इसके बाद उन्हें खाता ब्लॉक होने और केवाईसी अपडेट करने से जुड़ा संदेश मिला.
पति के मुताबिक, उन्होंने संदेश में दिए गए लिंक के जरिए अपनी जानकारी भरने की कोशिश की.
इसी दौरान उनकी एफडी से चार अलग-अलग ट्रांजैक्शन में करीब 3.28 लाख रुपये निकल गए.
बैंक ने लौटाए पैसे, लेकिन रकम रह गई बाकी
दंपति का कहना था कि उन्होंने अनधिकृत निकासी की जानकारी तुरंत बैंक को दे दी थी.
मामले में बैंक के आंतरिक बैंकिंग लोकपाल के हस्तक्षेप के बाद लगभग 2.24 लाख रुपये वापस कर दिए गए, लेकिन 99,874 रुपये की शेष राशि नहीं लौटाई गई.
इसके बाद दंपति ने जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, पथनमथिट्टा में शिकायत दर्ज कराई.
उन्होंने आरोप लगाया कि बैंक की निगरानी व्यवस्था प्रभावी होती, तो इस तरह की अनधिकृत निकासी को रोका जा सकता था.
बैंक ने ग्राहक पर लगाया लापरवाही का आरोप
सुनवाई के दौरान SBI की ओर से कहा गया कि बैंक ग्राहकों को ऐप के जरिए केवाईसी अपडेट करने के लिए नहीं कहता.
बैंक का तर्क था कि ग्राहक ने कथित तौर पर फर्जी लिंक पर अपनी जानकारी और OTP साझा किया, जिससे धोखाधड़ी करने वालों को लेनदेन करने का मौका मिला.
हालांकि, आयोग ने पाया कि बैंक अपने दावे के समर्थन में पर्याप्त सबूत पेश नहीं कर पाया.
आयोग के अनुसार, केवल ग्राहक पर जानकारी साझा करने का आरोप
📡 स्रोत: ABP Live Vyapar