फार्मा, बायोटेक और मेडिकल डिवाइस सेक्टर में निवेश का प्रमुख केंद्र बनेगा मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश फार्मा, बायोटेक और मेडिकल डिवाइस क्षेत्र में निवेश के लिए व्यापक अवसर उपलब्ध करा रहा है। प्रदेश में दवा निर्माण, सक्रिय औषधीय घटक (एपीआई), अनुसंधान, परीक्षण और चिकित्सा उपकरणों के उत्पादन की संपूर्ण मूल्य श्रृंखला विकसित करना राज्य सरकार का लक्ष्य है। मध्यप्रदेश की केंद्रीय भौगोलिक स्थिति, विकसित औद्योगिक क्लस्टर, कुशल मानव संसाधन और निवेश प्रोत्साहन इस दिशा में मजबूत आधार प्रदान करते हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत आज “फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड” के रूप में पहचाना जाता है। भारतीय दवाएं 200 से अधिक वैश्विक बाजारों तक पहुंच रही हैं। वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का फार्मा निर्यात 30.47 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा। इस राष्ट्रीय विकास यात्रा में मध्यप्रदेश एक मजबूत, भरोसेमंद और तेजी से उभरता हुआ भागीदार है।
उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में निर्मित फार्मा उत्पाद 160 से अधिक देशों तक पहुंचते हैं। वर्ष 2023-24 में प्रदेश से लगभग 11,889 करोड़ रुपए के फार्मा उत्पादों का निर्यात दर्ज किया गया। प्रदेश का मौजूदा विनिर्माण आधार और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों से जुड़ाव नई निवेश परियोजनाओं के लिए अवसर उपलब्ध कराता है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में 300 से अधिक फार्मा कंपनियां और 30 से अधिक एपीआई एवं बल्क ड्रग विनिर्माता हैं। इंदौर, पीथमपुर-धार, भोपाल-रायसेन, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, देवास, भिंड और मुरैना में फार्मा उद्योग का आधार विकसित हुआ है। इंदौर क्लस्टर में 96 से अधिक, पीथमपुर-धार में 57 से अधिक और भोपाल-रायसेन में 36 से अधिक फार्मा इकाइयां दर्ज हैं।
प्रदेश में 40 मेडिकल कॉलेज, 200 से अधिक फार्मेसी कॉलेज और 140 से अधिक इंजीनियरिंग कॉलेज उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश निवेशकों को भूमि के साथ प्रशिक्षित मानव संसाधन, परिवहन संपर्क और बाजार तक पहुंच की सुविधाएं भी उपलब्ध कराता है। यह औद्योगिक परिवेश विनिर्माण के साथ अनुसंधान और तकनीक आधारित गतिविधियों के विस्तार में सहायक है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि पिछले 18 महीनों में फार्मा क्षेत्र के 54 निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें लगभग 19,477 करोड़ रुपए का प्रस्तावित निवेश और लगभग 18,646 रोजगार सृजन के अवसरों की संभावना है। इनमें से 34 इकाइयों के लगभग 12,306 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों के लिए भूमि आवंटित की जा चुकी है।
इन परियोजनाओं से लगभग 10,298 रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है। इसी अवधि में 14 इकाइयों ने उत्पादन प्रारंभ किया है। इंदौर , देवास, उज्जैन, भोपाल, धार, रायसेन, सीहोर, ग्वालियर और भिंड जैसे जिलों में नई फार्मा एवं लाइफ साइंस इकाइयों की गतिविधियों से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में औद्योगिक विकास को गति मिल रही है।