Farmers ID से किसानों को मिलेगी डिजिटल पहचान, CM मोहन यादव बोले- आधुनिक तकनीक से बदलेगा कृषि क्षेत्र
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि डिजिटल तकनीक के विस्तार से शासन और सेवा वितरण में तेजी से बदलाव आया है। इसी दिशा में प्रदेश के किसानों को डिजिटल पहचान देने के लिए फार्मर आईडी बनाने का अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी किसानों से अपनी फार्मर आईडी बनवाने की अपील की है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों की फार्मर आईडी बनाने के लिए शासकीय दल गांव-गांव और किसान स्तर तक पहुंचकर अभियान चला रहे हैं। फार्मर आईडी किसानों के लिए आधार कार्ड की तरह एक विश्वसनीय डिजिटल पहचान के रूप में काम करेगी। इसमें किसानों से संबंधित विभिन्न जानकारियों को एकीकृत किया जाएगा।
फार्मर आईडी को भूमि अभिलेखों, पशुधन स्वामित्व, बोई गई फसल और किसानों को प्राप्त विभिन्न सरकारी लाभों जैसी जानकारियों से जोड़ा जाएगा। इससे किसानों से संबंधित जानकारी एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होने में मदद मिलेगी और सरकारी योजनाओं तथा सेवाओं का लाभ अधिक प्रभावी तरीके से पहुंचाया जा सकेगा।
डॉ. यादव ने कहा कि कृषि क्षेत्र में डिजिटल बदलाव के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर डिजिटल कृषि मिशन को व्यापक स्तर पर लागू किया गया है। इसके तहत डिजिटल सार्वजनिक अधोसंरचना तैयार करने, डिजिटल फसल अनुमान सर्वेक्षण लागू करने और कृषि क्षेत्र से जुड़ी संस्थाओं द्वारा डिजिटल तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री की पहल पर किसान-केंद्रित डिजिटल पब्लिक इंफ्रॉस्ट्रक्चर का विस्तार ग्राम और किसान स्तर तक किया जा रहा है। इसका उद्देश्य कृषि से जुड़ी जानकारियां और सेवाएं किसानों को समय पर, व्यक्तिगत जरूरत के अनुरूप और विश्वसनीय तरीके से उपलब्ध कराना है।
फार्मर आईडी के माध्यम से डेटा एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रिमोट सेंसिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का लाभ कृषि क्षेत्र में लेने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। इससे किसानों से जुड़े डेटा के बेहतर उपयोग के जरिए कृषि सेवाओं और योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिल सकती है।
किसान आईडी के निर्माण और डिजिटल फसल सर्वेक्षण की उपयोगिता को परखने के लिए उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब और तमिलनाडु में पायलट परियोजनाएं भी संचालित की जा चुकी हैं।