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FATF की ग्रे लिस्ट से बचने के लिए पाकिस्तान की चाल, मोस्ट वांटेड लिस्ट में अजहर का नाम किया शामिल

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 14 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
FATF की ग्रे लिस्ट से बचने के लिए पाकिस्तान की चाल, मोस्ट वांटेड लिस्ट में अजहर का नाम किया शामिल

पाकिस्तान की फेडरल इन्वेस्टिगेटिव एजेंसी (FIA) ने 2026 के लिए सबसे अधिक वांछित (most wanted) आतंकवादियों की लिस्ट जारी की है.

इस 'रेड बुक' में शामिल आतंकवादियों में जैश-ए-मोहम्मद (JeM) का प्रमुख मसूद अजहर भी है. अजहर पर इनाम की राशि 20 लाख पाकिस्तानी रुपये से बढ़कर 70 लाख तक कर दी गई है.

आतंकवादियों की लिस्ट में अजहर का नाम शामिल करने का यह कदम पाकिस्तान की ओर से केवल दिखावा लगता है.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह कदम अक्टूबर में होने वाली फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की बैठक से पहले ले लिया गया है.

इस तरह से पाकिस्तान को 'ग्रे लिस्ट' में वापस जाने से बचाने की कोशिश मानी जा रही है. 70 लाख पाकिस्तानी रुपये का इनाम कार्रवाई से बचने और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को गुमराह करने को लेकर पाकिस्तान ने 2021 में यह दावा किया था कि अजहर अब उसकी जमीन पर नहीं है बल्कि अफगानिस्तान भाग गया है, जबकि उसी साल FIA ने शुरू में उस पर पर 50 लाख पाकिस्तानी रुपय का इनाम रखा था.

पांच साल बाद, इनाम की राशि को बढ़ाकर 70 लाख पाकिस्तानी रुपये कर दिया है. अजहर भारत में पुलवामा हमले समेत कई आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड है.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 2021 से पाकिस्तान लगातार यह कहता आ रहा है कि अजहर अफ़गानिस्तान में छिपा हुआ है, मगर बीते छह माह में भारतीय खुफिया एजेंसियों के टेक्निकल एनालिसिस से जानकारी मिली है कि वह असल में पाकिस्तान के सिंध प्रांत के नवाबशाह शहर में रह रहा है.

लिस्ट में 19 आतंकवादियों के नाम भी शामिल FIA की नई अपडेटेड 'रेड बुक' में 26/11 मुंबई हमलों में शामिल उन 19 आतंकवादियों के नाम भी हैं, जिन्होंने हमलावरों की सहायता की थी.

उन्हें पैसे दिए या उनके लिए नावों का इंतजाम किया था.

सूत्रों के मुताबिक, इनमें से 17 आतंकवादियों के नाम, उनकी तस्वीरें और 26/11 में उनकी खास भूमिकाओं का जिक्र है.

मगर पाकिस्तान ने चुपके से दो आतंकवादियों की तस्वीरें, लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से उनके संबंध और उनके ऑपरेशनल रोल की जानकारी हटा दी है और सिर्फ उनके नाम सामने रखे हैं.

जानकारी भी रिकॉर्ड से हटाई गई खासतौर पर FIA ने अपनी अपडेटेड लिस्ट में तुरबत के मुहम्मद खान का नाम तो रखा है, जिसने हमलावरों को मुंबई ने जाने के लिए 'अल-हुसैनी' नाव मुहैया कराई थी.

मगर उउसकी तस्वीर, LeT से संबंध और उसकी भूमिका की सूचना को हटा दिया है.

इसी तरह, बहावलनगर के अब्दुल रहमान की तस्वीर और LeT से उसके संबंध की जानकारी भी रिकॉर्ड से हटाई गई है.

इसमें बताया गया कि 2021 की FIA लिस्ट में इन दोनों लोगों की पूरी भूमिका और तस्वीरें शामिल थीं.

📡 स्रोत: NewsData.io

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