'फिल्में नहीं चल रही थी', मिथुन चक्रवर्ती ने बताया क्यों खोला था ऊटी में होटल
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
मिथुन चक्रवर्ती बॉलीवुड के जाने जाने एक्टर है.
उन्होंने अपने करियर में कई शानदार फिल्मों में काम किया और दर्शकों के दिलों में जगह बनाई. वही अब हाल ही में उन्होंने अपने स्ट्रगल के दिनों को याद किया. एक्टर ने बताया कि एक वक्त पर उनका करियर डाउन होने लगा था.
हाल ही में फिल्ममेककर फराह खान दिग्गज एक्टर मिथुन चक्रवर्ती के घर पहुंचीं.
इस दौरान बातचीत में फराह खान ने बताया कि मिथुन चक्रवर्ती खुद का होटल शुरू करने वाले पहले एक्टर थे. फराह खान ने मिथुन चक्रवर्ती पूछा, 'आपने होटल क्यों शुरू किया?'
मिथुन चक्रवर्ती ने बताया क्यों खोला था ऊटी में होटल
एक्टर ने अपने होटल मोनार्क के बारे में बात करते हुए कहा, 'होटल मैंने 1994 में चालू किया था और अब मैंने बेंगलुरु में भी शुरू किया है.
उस टाइम मेरा करियर थोड़ा डाउन हो रहा था. फिल्में नहीं चल रही थी. ऐसा लग रहा था मैं नीचे जा रहा हूं.
मैंने सोचा की अगर ये खत्म हो गया, तो मेरा स्टारडम ओवर और फिर वापस आना मुश्किल हो जाएगा.'
उन्होंने आगे कहा, 'तीनों बच्चें भी थे, समझ नहीं आ रहा था क्या करें.
मैं बच्चों को तकलीफ नहीं देना चाहता था. जिस चीज से मैं गुजरा हूं वो मैं उनके साथ नहीं होने दे सकता था. इसके बाद में मैं वहां शिफ्ट हो गया. मैंने सोचा अगर वहां रहकर होटल चलाया तो मैं जल्दी इसे खड़ा कर सकता हूं.
इसके बाद बच्चों का वहीं एडमिशन करवाया. फिर मेरी बेटी पैदा हुई और मेरा करियर अचानक चल पड़ा.'
इसके बाद फराह खान ने कहा, 'वो काफी लकी होटल है.
हम वहां 'कुछ-कुछ होता है' और 'दिल से' की शूटिंग के टाइम रहे थे.' एक्टर ने भी कहा कि वो काफी लकी होटल है.
एक साल में रिलीज हुईं 19 फिल्में
व्लॉग में आगे फराह खान ने पूछा कि साल में आपकी कितनी फिल्में आती थी?
इस पर मिथुन चक्रवर्ती ने कहा, 'एक साल में
📡 स्रोत: ABP Live Film
💡 पृष्ठभूमि (Background)
मिथुन चक्रवर्ती, एक प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेता, ने हाल ही में अपनी करियर की कठिनाइयों के दौरान खोले हुए ऊटी के होटल के पीछे की कहानी साझा की। यह विषय उनके व्यक्तिगत संघर्षों और उद्योग के उतार-चढ़ाव को उजागर करता है। खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाती है कि कैसे एक अभिनेता ने आर्थिक संकट से निपटने के लिए वैकल्पिक आय स्रोत खोजे, जिससे दर्शकों को प्रेरणा मिलती है। यह आम जनता पर प्रभाव डाल सकती है, क्योंकि इससे लोगों को यह सिखने को मिलता है कि कठिन समय में रचनात्मक समाधान अपनाना कितना ज़रूरी है, और य