फिल्मी अंदाज़ में पति हाशिम का कथित अपहरण! साले और पत्नी ने हथियार के दम पर हाशिम को बनाया कथित तौर पर बंधक, देखें वीडियो
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →रात 11 बजे दरवाजा खटखटाया, पत्नी समेत 15 लोगों ने हाशिम को घेरा; हथियारों के दम पर ऑटो में बैठाकर भोपाल ले जाने का आरोप
कुरावर/भोपाल। कुरावर की एक रात हाशिम के लिए कथित तौर पर ऐसा खौफ लेकर आई, जिसे वह शायद जिंदगी भर नहीं भूल पाएगा। आरोप है कि 19 सितंबर की रात करीब 11 बजे दरवाजे पर दस्तक हुई। हाशिम ने जैसे ही दरवाजा खोला, सामने उसकी पहली पत्नी, उसके चार भाई, फूफा समेत करीब 10 से 15 लोग खड़े थे। आरोप है कि देखते ही सभी ने हाशिम को घेर लिया और मारपीट शुरू कर दी।
VIDEO:
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हाशिम का आरोप है कि उसे घसीटते हुए जबरन ऑटो में बैठाया गया और हथियारों की कथित धमकी देकर कुरावर से भोपाल ले जाया गया। उसके मुताबिक रास्ते में भी उसके साथ मारपीट की गई। रात करीब एक बजे उसे भोपाल के गोदरमऊ स्थित ससुराल ले जाया गया, जहां कथित तौर पर तीन दिन तक उसके साथ मारपीट और बंधक बनाकर रखने का सिलसिला चलता रहा।
तीन दिन बाद कथित कैद से निकला, पहुंचा थाने
हाशिम के अनुसार, तीन दिन बाद वह किसी तरह वहां से निकलने में कामयाब हुआ और सीधे गांधी नगर थाने पहुंचा। वहां से उसे यह कहते हुए कुरावर थाने भेज दिया गया कि घटना की शुरुआत कुरावर से हुई है, इसलिए शिकायत वहीं दर्ज होगी। इसके बाद 23 सितंबर को कुरावर थाने में शिकायत दर्ज होने की बात सामने आई है।
पीड़ित का आरोप है कि घटना के बाद भी अब तक नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
मां बोली—मेरे सामने बेटे को पीटा, दी लाश मिलने की धमकी
हाशिम की मां का आरोप है कि आरोपियों ने उसके सामने उसके बेटे के साथ मारपीट की और उसे जबरन अपने साथ ले गए। मां के मुताबिक उसे धमकी दी गई कि अगर पुलिस को सूचना दी तो बेटे की लाश मिलेगी।
परिवार का दावा है कि घटना के समय मकान के आसपास सड़क पर ऑटो खड़े थे और इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे पूरे घटनाक्रम से जुड़े अहम साक्ष्य साबित हो सकते हैं।
'पहले अपहरण साबित करो, तभी लगेगी अपहरण की धारा'—पीड़ित का दावा
हाशिम का कहना है कि पुलिस की ओर से उससे कथित तौर पर अपहरण के साक्ष्य उपलब्ध कराने को कहा जा रहा है। पीड़ित का दावा है कि उससे कहा गया कि पहले यह साबित करो कि उसे जबरन उठाकर ले जाया गया, तभी अपहरण की धारा लगाई जाएगी, अन्यथा मामला मारपीट तक सीमित रहेगा।
यहीं सबसे बड़ा सवाल खड़ा होता है—अगर किसी व्यक्ति को रात में उसके घर से जबरन ले जाने के सीसीटीवी फुटेज, ऑटो की आवाजाही और प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी मौजूद है, तो इन साक्ष्यों की जांच और संग्रह की जिम्मेदारी किसकी है?
कुरावर से भोपाल तक ऑटो के फुटेज होने का दावा
हाशिम का दावा है कि कुरावर से भोपाल तक दो ऑटो के आने-जाने से संबंधित फुटेज मौजूद हैं और उनमें उसके मौजूद होने की बात भी सामने आ सकती है। ऐसे में सवाल यह है कि क्या पुलिस इन फुटेज को कब्जे में लेकर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है?
पहली पत्नी के सिर पर चोट का भी दावा
हाशिम का आरोप है कि घटना के दौरान उसकी पहली पत्नी के सिर पर भी हमला किया गया था और वह डर के कारण उसी दिन से गायब है। पीड़ित का सवाल है कि यदि उसकी पहली पत्नी भी घटना की महत्वपूर्ण कड़ी है तो पुलिस उसकी तलाश और बयान दर्ज करने की कार्रवाई क्यों नहीं कर रही?
'पुलिस से हमारी सेटिंग है, कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता'—धमकी का आरोप
हाशिम ने आरोप लगाया कि उसकी पहली पत्नी और उसके साले कथित तौर पर उसे धमकाते हुए कहते हैं कि पुलिस से उनकी 'सेटिंग' है और कोई उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता। पीड़ित का दावा है कि उसे दोबारा पकड़कर जान से मारने की धमकियां भी फोन पर दी जा रही हैं।
दूसरी शादी बनी विवाद की वजह?
हाशिम ने पूरे विवाद की वजह अपनी दूसरी शादी को बताया है। उसके मुताबिक पहली पत्नी के अलग होने के बाद उसने दूसरी शादी की और इसकी जानकारी अपने परिवार तथा पहली पत्नी को भी दी थी। आरोप है कि दूसरी शादी के बाद उसे ससुराल में घर जमाई बनाकर रखा गया और वहां कथित तौर पर उसे ताने तथा गालियां दी जाने लगीं।
हाशिम का कहना है कि परेशान होकर वह अपनी मां के पास लौट आया। इसके बाद पहली पत्नी भी उसके पास आकर रहने लगी। पीड़ित के मुताबिक इसी बात को लेकर विवाद बढ़ा और उस पर दूसरी पत्नी को तलाक देने तथा पहली पत्नी के साथ रहने का दबाव बनाया जाने लगा।
अब सबसे बड़ा सवाल—हाशिम की सुरक्षा कौन करेगा?
यदि पीड़ित के लगाए आरोप और उपलब्ध साक्ष्य जांच में सही पाए जाते हैं तो मामला केवल मारपीट का नहीं, बल्कि जबरन ले जाने, बंधक बनाने और धमकी जैसे गंभीर आरोपों की दिशा में जांच की मांग करता है। वहीं पुलिस के लिए सीसीटीवी फुटेज, ऑटो की आवाजाही, प्रत्यक्षदर्शियों और फोन पर मिली धमकियों की निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण होगी।
सबसे अहम सवाल यही है—क्या पुलिस हाशिम के आरोपों की तह तक पहुंचकर उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करेगी, या कार्रवाई के लिए पीड़ित से ही सबूत जुटाने की अपेक्षा की जाएगी?
🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत
हिंसा का कोई विकल्प नहीं है; यह केवल दर्द और विनाश लाती है। जब घरेलू विवाद या वित्तीय मतभेद हों, तो संवाद, मध्यस्थता और कानूनी मार्ग अपनाएँ। गुस्से को संयम और सहानुभूति से नियंत्रित करें। समाज को एकजुट होकर संघर्षों के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में प्रेरित करना चाहिए, ताकि हर व्यक्ति सुरक्षित और सम्मानित महसूस करे।