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FIPIC बैठक में भारत ने प्रशांत देशों से सहयोग बढ़ाने पर दिया जोर

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
FIPIC बैठक में भारत ने प्रशांत देशों से सहयोग बढ़ाने पर दिया जोर

सितंबर 24, नई दिल्ली: न्यूयॉर्क में भारत-FIPIC विदेश मंत्रियों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए डॉ जयशंकर ने और भी कई अहम बातें कहीं। वैश्विक मंच पर भारत की ओर से एक बार फिर कहा है कि प्रशांत क्षेत्र के प्रति भारत का दृष्टिकोण मांग आधारित, विकासोन्मुख और जन-केंद्रित रहा है। उन्होंने कहा कि भारत पैसिफिक आइलैंड फोरम की ब्लू पैसिफिक कॉन्टिनेंट के लिए 2050 रणनीति में व्यक्त प्राथमिकताओं का पूरा सम्मान और समर्थन करता है।

बताया गया कि पीएम मोदी की ओर से घोषित कार्य योजना के संबंध में स्वास्थ्य, नवीकरणीय ऊर्जा, कनेक्टिविटी, तकनीक और क्षमता निर्माण के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। अल नीनो प्रशांत द्वीपीय देशों के लिए गंभीर चुनौतियां पैदा करता है। भारत इसके प्रतिकूल प्रभावों को कम करने में मदद के लिए तैयार है।

उन्होंने अंतरिक्ष, सतत तटीय और समुद्री अनुसंधान में सहयोग के प्रयासों को रेखांकित किया। उन्होंने सभी सदस्यों को इंटरनेशनल सोलर अलायंस और कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।