फिरोजाबाद में भारतीय मजदूर संघ ने सौंपा ज्ञापन:विद्युत आउटसोर्स कर्मियों की सुरक्षा-वेतन संबंधी समस्याओं पर मांग
भारतीय मजदूर संघ ने फिरोजाबाद में विद्युत विभाग के आउटसोर्स कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मुख्य अभियंता को ज्ञापन सौंपा। सोमवार दोपहर सौंपे गए इस ज्ञापन में संघ ने कर्मचारियों के हितों की अनदेखी और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को उठाया। संघ के फिरोजाबाद अध्यक्ष राजीव यादव ने बताया कि जिले में सैकड़ों आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत हैं। उनके वेतन से प्रतिमाह 'मेपब' के नाम पर राशि काटी जाती है, लेकिन दुर्घटना होने पर समय पर इलाज नहीं मिल पाता। संघ ने फिरोजाबाद में किसी अस्पताल को 'मेपब' से जोड़ने की मांग की है, ताकि घायल कर्मचारियों को तत्काल उपचार मिल सके। विद्युत वितरण मंडल फिरोजाबाद ग्रामीण में कार्यरत उर्मिला एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड पर सुरक्षा उपकरण उपलब्ध न कराने का आरोप लगाया गया। संघ ने कंपनी से तत्काल सुरक्षा उपकरण और 'मेपब' कार्ड उपलब्ध कराने की मांग की। ज्ञापन में 15 अगस्त 2026 को नगला सौंठ विद्युत उपकेंद्र पर हुए एक हादसे का भी जिक्र किया गया। कार्य के दौरान सप्लाई चालू होने से कुशल संविदाकर्मी भूरी सिंह पुत्र चंद्रपाल की मौत हो गई थी। संघ ने मृतक के परिवार को शीघ्र दुर्घटना हितलाभ दिलाने और दोषियों के खिलाफ विभागीय व प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की। इसके अतिरिक्त, रामा कंपनी द्वारा नियुक्त किए गए लगभग 119 आउटसोर्स कर्मियों से लिए गए 25-25 हजार रुपये के रिफंडेबल बैंक ड्राफ्ट की वापसी की मांग भी की गई। संघ ने बताया कि कंपनी का अनुबंध समाप्त होने के बावजूद कर्मचारियों को यह राशि वापस नहीं मिली है। इस मामले में नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है। संघ ने 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्रों पर कर्मचारियों की कमी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने मानक के अनुसार मैनपावर बढ़ाने की मांग की। साथ ही, एक गैंग में एक कुशल और दो अकुशल कर्मचारियों के बजाय दो कुशल और एक अकुशल कर्मचारी रखने का सुझाव दिया। आउटसोर्स कर्मचारियों के अनुबंध में 11 केवी लाइन पर कार्य का प्रावधान होने के बावजूद उनसे 33 केवी लाइन पर भी काम कराया जाता है। संघ ने 33 केवी लाइन के लिए अलग गैंग गठित कर उसमें कुशल कर्मचारियों की तैनाती की मांग की।
📡 स्रोत: NewsData.io