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फ्लाईदुबई विमान घटना: यूएन प्रमुख गुटेरेस ने जताई चिंता, बड़ी त्रासदी टल जाने पर ली राहत की सांस

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 1 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
फ्लाईदुबई विमान घटना: यूएन प्रमुख गुटेरेस ने जताई चिंता, बड़ी त्रासदी टल जाने पर ली राहत की सांस

Date- 1 Oct 2026,Delhi

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में हुई घटना पर “गहरी चिंता” जताई है। उन्होंने कहा कि विमान में हुई घटना के बाद बड़ी त्रासदी टलने से वह राहत महसूस कर रहे हैं। फ्लाईदुबई की इस उड़ान में पायलट पर उसके प्रथम अधिकारी ने हमला किया था।

आशंका जताई जा रही है कि हमलावर विमान को क्रैश कराने की कोशिश कर रहा था। घटना के बावजूद विमान सुरक्षित रहा और यात्रियों की जान बच गई।

गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने उनका संक्षिप्त बयान जारी किया। जिसमें कहा, “संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ऐसे किसी भी कृत्य की कड़ी निंदा करते हैं, जिससे नागरिकों की जान और नागरिक उड्डयन की सुरक्षा खतरे में पड़ती है।” उन्होंने कहा कि गुटेरेस सभी यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और घटना की जांच कर रहे संबंधित अधिकारियों के प्रयासों के लिए आभारी हैं। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने घटना को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए विमानन सुरक्षा और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के महत्व को रेखांकित किया।

30 सितंबर को दुबई से तेलअवीव जा रहे फ्लाईदुबई के विमान को कथित तौर पर क्रैश कराने की कोशिश की। इस दौरान भारतीय मूल के पायलट कैप्टन स्मित मच्छार ने बहादुरी दिखाई। जान जोखिम में डालकर उन्होंने विमान सवारों को अनहोनी से अवगत कराया और फिर अंतत कुछ जाबांज यात्रियों की मदद से हादसे को टाला जा सका। इस दौरान स्मित बुरी तरह से घायल हो गए थे जिनका इलाज जारी है।

स्मित और विमान यात्रियों के साहस को पूरी दुनिया सलाम कर रही है। इजरायल पायलट को ‘हीरो’ और ‘रियल सुपरहीरो’ बता रहा है, तो भारत भी गौरवान्वित महसूस कर रहा है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्मित की बहादुरी को सराहा। उन्हें हीरो करार देते हुए कहा कि उनके साहस का ही नतीजा है कि सौ से ज्यादा लोगों की जान बची और हादसा होते-होते बचा।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

फ्लाईदुबई की तेल अवीव जाने वाली उड़ान में पायलट पर प्रथम अधिकारी द्वारा हमला हुआ, जिससे विमान में संकट उत्पन्न हुआ। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय विमानन सुरक्षा और क्रू के बीच विश्वास को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दर्शाती है कि क्रू के भीतर भी हिंसक संघर्ष हो सकता है, जिससे यात्रियों और क्रू की सुरक्षा पर प्रत्यक्ष असर पड़ता है। आम जनता पर इसका असर मनोवैज्ञानिक तनाव, यात्रा योजनाओं में बदलाव और विमानन प्राधिकरणों से कड़ी निगरानी की मांग के रूप में दिखाई दे सकता है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।