FlyDubai घटना को लेकर VHP का गांधी परिवार पर हमला, कहा- 'जब भी किसी हिंदू...'
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा पर निशाना साधते हुए रविवार को आरोप लगाया कि उन्होंने भारतीय पायलट स्मित मच्छार की सराहना नहीं की.
VHP के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस नेताओं ने इस घटना की निंदा इसलिए नहीं की, क्योंकि पायलट एक हिंदू है.
बंसल ने X पर एक पोस्ट में कहा, अब यह पुष्टि हो गई है कि कांग्रेस के शीर्ष नेताओं राहुल, सोनिया और प्रियंका ने बहादुर भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की सराहना क्यों नहीं की और उन्होंने UAE में 33,000 फुट की ऊंचाई पर हुए इस आतंकवादी हमले की निंदा तक क्यों नहीं की.
क्योंकि वे सभी इस बात को लेकर आश्वस्त थे कि यह हमला एक हिंदू पायलट पर किसी चरमपंथी द्वारा किया गया था.
फ्लाईदुबई विमान में हुई घटना आतंकवादी हमला
खबरों के अनुसार, 'फ्लाईदुबई' के इस सह-पायलट ने इस सप्ताह भारतीय मूल के कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला किया था. विमान को अपने नियंत्रण में लेने का कथित तौर पर प्रयास किया था.
बंसल ने दावा किया कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने पुष्टि की है कि फ्लाईदुबई विमान में हुई घटना आतंकवादी हमला थी.
सह-पायलट ने भारतीय कैप्टन पर हमला करने के लिए कॉकपिट में रखी कुल्हाड़ी का इस्तेमाल किया था.
कांग्रेस गैर-इस्लामी घटना में निंदा करने से बचती है....
उन्होंने यह भी दावा किया, कांग्रेस और उसके सहयोगियों की ऐतिहासिक नीति रही है कि जब भी किसी हिंदू या गैर-इस्लामी व्यक्ति पर किसी चरमपंथी द्वारा हमला किया जाता है, तो वे उस घटना की निंदा करने में असमर्थ रहे हैं.
उन्होंने कहा, वे ऐसे पीड़ित या उसके परिवार के प्रति सहानुभूति का एक शब्द भी नहीं बोल सकते.
इसके बजाय, वे मानवता के खिलाफ ऐसे जघन्य अपराधों के आरोपी व्यक्तियों या संगठनों का बचाव करने में अपनी पूरी ताकत लगा देते हैं.
बंसल ने कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर भावनाओं को भड़काने, तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने और देश में अराजकता तथा अलग
📡 स्रोत: ABP Live
💡 पृष्ठभूमि (Background)
विषय: VHP ने कांग्रेस के गांधी परिवार पर FlyDubai घटना के संदर्भ में हमला किया, दावा किया कि पायलट स्मित मच्छार की सराहना नहीं की क्योंकि वह हिंदू है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह राजनीतिक दलों के बीच धार्मिक पहचान के आधार पर आरोपों को उजागर करती है, जो भारतीय राजनीति में विभाजन को बढ़ा सकती है। आम जनता पर असर: यह घटना समाज में धार्मिक और राजनीतिक विभेद को बढ़ा सकती है, जिससे जनता में असमंजस और असुरक्षा पैदा हो सकती है, और चुनावी माहौल पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।