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फ्रांस में सड़कों पर उतरे Gen-Z छात्र? कई जगहों पर हुई हिंसा, 400 स्कूल हुए बंद

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 2 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
फ्रांस में सड़कों पर उतरे Gen-Z छात्र? कई जगहों पर हुई हिंसा, 400 स्कूल हुए बंद

France Protest: फ्रांस में शुक्रवार को सैकड़ों Gen-Z छात्र सड़क पर उतर आए.

फ्रांस में शिक्षा से जुड़ी मांगों को लेकर हो रहे छात्र प्रदर्शन अब हिंसक हो चला है. हिंसा को देखते हुए फ्रांस में 400 स्कूलों को बंद कर दिया गया.

इन प्रदर्शनों में कई जगह हिंसा हुई, जिसमें दर्जनों लोग घायल हुए हैं और पुलिस ने बड़ी संख्या में लोगों को गिरफ्तार किया है.

बता दें कि फ्रांस की राजधानी पेरिस और आसपास के इलाकों में हाई स्कूल छात्रों का प्रदर्शन सितंबर 2026 के आखिरी हफ्ते में शुरू हुआ था, जो अब देश के दूसरे शहरों तक फैल गया है.

छात्रों का विरोध प्रदर्शन पिछले महीने पेरिस क्षेत्र से शुरू हुआ था. छात्र शिक्षकों की कमी और स्कूलों की खराब हालत को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. धीरे-धीरे यह आंदोलन देश के दूसरे हिस्सों में भी फैल गया.

कई जगह प्रदर्शन के दौरान हिंसक घटनाएं हुईं.

Absolute chaos across France: 625 arrests 83 police officers attacked 32 teachers injured Hundreds of schools burned down Vehicles and churches set on fire North African and far-left students have declared war against the French state.

pic.twitter.com/zTSE5L0vFU — Dr. Maalouf (@realMaalouf) October 1, 2026 मंत्री क्या बोले?

फ्रांस के न्याय मंत्री गेराल्ड डारमैनिन ने शुक्रवार को आरटीएल रेडियो से कहा कि प्रदर्शनों में शामिल एक छोटा समूह सक्रिय रूप से हिंसा कर रहा है.

उन्होंने यह भी कहा कि यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि हिंसा करने वाले सभी लोग वास्तव में हाई स्कूल के छात्र हैं.

डारमैनिन के मुताबिक, प्रदर्शन शुरू होने के बाद से करीब 2,000 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें से लगभग दो-तिहाई लोगों को पुलिस हिरासत में रखा गया है.

सरकार अब हिंसक घटनाओं को रोकने और स्कूलों में सामान्य स्थिति बहाल करने पर जोर दे रही है. क्यों हो रहा विरोध प्रदर्शन?

छात्रों का विरोध मुख्य रूप से स्कूलों में शिक्षकों की कमी, कक्षाओं में बढ़ती भीड़, पुरानी और जर्जर इमारतों, खराब सुविधाओं और पुराने उपकरणों को लेकर है.

इसके अलावा छात्र सरकार की संभावित बजट कटौती और शिक्षा के लिए कम फंड दिए जाने का भी विरोध कर रहे हैं.

छात्रों की अन्य शिकायतों में लंबे समय तक पढ़ाई, गर्मियों में कक्षाओं का जरूरत से ज्यादा गर्म होना और स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी शामिल है.

कई स्कूलों में आगजनी और झड़प फ्रांस के न्याय मंत्री गेराल्ड डारमैनिन ने कहा कि छात्र प्रदर्शन अब सिर्फ शिक्षा से जुड़ी मांगों तक सीमित नहीं रहे हैं.

उन्होंने कहा कि जब प्रदर्शनकारी बसों को निशाना बनाने लगें और स्कूलों में आग लगाने लगें तो यह कानून-व्यवस्था का मामला बन जाता है.

शिक्षा मंत्री एडुआर्ड गेफ्रे ने गुरुवार शाम बताया कि शुक्रवार को फ्रांस में करीब 400 से ज्यादा स्कूल और अन्य शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे.

सरकार का कहना है कि हिंसा की घटनाओं को देखते हुए इन संस्थानों को बंद रखने का फैसला लिया गया है.

धुर वामपंथ पर आंदोलन भड़काने का आरोप रॉयटर्स के मुताबिक, प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू के करीबी एक सूत्र के मुताबिक, खुफिया एजेंसियों ने गुरुवार को हुई एक बैठक में बताया कि छात्र आंदोलन की शुरुआत में धुर वामपंथी नेताओं की भूमिका थी.

इसमें ला फ्रांस इंसौमिसे (एलएफआई) के कुछ नेताओं के शामिल होने का भी दावा किया गया. हालांकि, एलएफआई के सांसद लुई बोयार्ड ने इस आरोप को खारिज कर दिया.

उन्होंने फ्रांसीसी मीडिया से बातचीत में आंदोलन को लेकर लगाए जा रहे इन आरोपों का विरोध किया.

कई शहरों में हिंसा और आगजनी फ्रांस के अलग-अलग शहरों में गुरुवार को प्रदर्शन के दौरान हिंसा की घटनाएं सामने आईं.

अधिकारियों के अनुसार, दक्षिणी शहर मार्सिले में प्रदर्शनकारियों ने कम से कम दो हाई स्कूलों में आग लगा दी. एक अन्य स्कूल में शिक्षकों पर गलती से पेट्रोल भी गिर गया.

पूर्वी शहर स्ट्रासबर्ग में कम से कम एक कार को आग के हवाले कर दिया गया. वहीं, दक्षिण-पश्चिमी शहर टूलूज़ में दंगा पुलिस और युवाओं के बीच झड़प हुई.

📡 स्रोत: NewsData.io

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