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फ्रांस में शिक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन तेज

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 10 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
फ्रांस में शिक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन तेज

अक्टूबर 07, नई दिल्ली: फ्रांस में शिक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। मंगलवार को ल्योन में प्रदर्शन कर रहे छात्रों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया। छात्रों ने स्कूलों में स्टाफ की कमी, अनुपस्थित शिक्षकों की जगह वैकल्पिक व्यवस्था और जर्जर कक्षाओं जैसी समस्याओं के समाधान की मांग की।

प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने मंत्रियों को छात्रों की मांगों पर काम करने के निर्देश दिए हैं। इनमें स्कूल के समय की समीक्षा, लंच ब्रेक बढ़ाने और पुराने स्कूल भवनों की मरम्मत जैसे मुद्दे शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से अक्टूबर के अंत तक शुरुआती प्रस्ताव पेश करने को कहा है।

ल्योन के अलावा पेरिस और स्ट्रासबर्ग में भी शिक्षा व्यवस्था को लेकर प्रदर्शन हुए। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई और पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया। देशभर में हुए इन प्रदर्शनों में छात्रों के साथ ट्रेड यूनियनों और शिक्षकों ने भी हिस्सा लिया।

फ्रांस के गृह मंत्रालय के अनुसार, प्रदर्शनों की शुरुआत के बाद से करीब 6 हजार लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें ज्यादातर नाबालिग हैं। न्याय मंत्रालय के मुताबिक, 1,800 से अधिक लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। फ़ाइल फ़ोटो

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

फ्रांस के छात्रों की आवाज़ शिक्षा की वास्तविक जरूरतों को दर्शाती है। हिंसा के बजाय संवाद, शैक्षिक सुधार के लिए कानूनी मंच और सार्वजनिक सुनवाई से समाधान मिल सकता है। पुलिस की आंसू गैस से बचने के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन और मध्यस्थता के मार्ग अपनाएँ। समाज को शिक्षा को प्राथमिकता देकर, सहानुभूति और समावेशी नीतियों से भविष्य की पीढ़ियों को सशक्त बनाना चाहिए।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।