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FSSAI का प्रस्ताव: 6 महीने तक के शिशुओं के खाद्य उत्पादों में एडेड शुगर पर रोक

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 18 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
FSSAI का प्रस्ताव: 6 महीने तक के शिशुओं के खाद्य उत्पादों में एडेड शुगर पर रोक

अक्टूबर 18, नई दिल्ली: भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने शिशु पोषण से जुड़े मानकों को और सख्त करने का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत छह महीने तक के शिशुओं के लिए खाद्य उत्पादों में सुक्रोज और फ्रुक्टोज मिलाने पर प्रतिबंध लगाने की बात कही गई है।

FSSAI ने खाद्य सुरक्षा और मानक (शिशु पोषण के लिए खाद्य) विनियम, 2020 में संशोधन का ड्राफ्ट जारी किया है। यह मसौदा 16 अक्टूबर 2026 को भारत के राजपत्र में प्रकाशित किया गया और सार्वजनिक परामर्श के लिए लोगों से आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। इसके लिए 60 दिनों का समय दिया गया है।

प्रस्ताव का उद्देश्य शिशुओं में अतिरिक्त शर्करा के सेवन को कम करना और उम्र के अनुरूप आवश्यक पोषण को प्राथमिकता देना है। शुरुआती छह महीने बच्चे की वृद्धि और विकास के लिए बेहद अहम होते हैं। इस दौरान उचित पोषण पर विशेष जोर दिया जाता है। अधिक शर्करा के सेवन से जुड़े संभावित स्वास्थ्य जोखिमों और बचपन में मोटापे की आशंका को कम करना भी इस पहल का उद्देश्य है।

यह ध्यान रखना जरूरी है कि फिलहाल यह ड्राफ्ट संशोधन है, अंतिम नियम नहीं। सार्वजनिक सुझावों और आपत्तियों पर विचार करने के बाद ही इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।