भोपाल

गाड़िया लोहार समाज ने वर्षों पुरानी कुप्रथा के विरोध में उठाया जागरूकता का कदम

लेखक: Santosh Yogi अंतिम अपडेट: 30 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
गाड़िया लोहार समाज ने वर्षों पुरानी कुप्रथा के विरोध में उठाया जागरूकता का कदम

दाह संस्कार के बाद पांच कौड़ियों के रूप में पत्थर देने की परंपरा बंद करने की पहल, समाज में जागरूकता का संदेश

भोपाल। गाड़िया लोहार समाज ने वर्षों से चली आ रही एक परंपरा के विरोध में समाज में जागरूकता फैलाने की पहल की है। समाज के प्रदेश अध्यक्ष राजू राणा की दादी के निधन के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में वर्षों पुरानी इस परंपरा को नहीं निभाया गया और समाज को इसके प्रति जागरूक करने का संदेश दिया गया।

समाज की ओर से बताया गया कि नवाबी शासन के समय दाह संस्कार के बाद पांच कौड़ियों के कर से जुड़ी मान्यता प्रचलित होने की बात कही जाती है। बाद में इसी से जुड़ी परंपरा के रूप में पांच पत्थर देने की प्रथा चलन में आई। समाज के लोगों ने इसे मानसिक गुलामी से जोड़ते हुए इस परंपरा को समाप्त करने का आह्वान किया है।

इस पहल के माध्यम से गाड़िया लोहार समाज ने लोगों से अपील की कि समय के साथ चली आ रही ऐसी कुप्रथाओं पर विचार किया जाए और सामाजिक जागरूकता के साथ उन्हें समाप्त करने की दिशा में कदम उठाए जाएं। समाज के लोगों ने राजू राणा की पहल का स्वागत करते हुए इसे जनजागरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

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Santosh Yogi

संतोष योगी भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार हैं जो भोपाल जिला एवं आसपास की घटनाओं को प्रमुखता से कवर करते हैं।