गहलोत बोले- हर महीने 3000 रुपए हो सामाजिक सुरक्षा पेंशन:मोदी सरकार बनने के बाद सामाजिक सुरक्षा पेंशन में एक रुपए नहीं बढ़ाया
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार से सामाजिक सुरक्षा पेंशन बढ़ाकर हर महीने 3000 रुपए करने और इसके लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने का मुद्दा उठाया है।
गहलोत ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए एक्स पर लिखा- मोदी सरकार अमीर उद्योगपतियों के लाखों करोड़ रुपए एक झटके में माफ कर देती है, लेकिन गरीब और जरूरतमंद बुजुर्गों, विधवाओं, दिव्यांगों को एक रुपया तक बढ़ाकर देने को तैयार नहीं है।
गहलोत ने लिखा- राजस्थान में हमारी कांग्रेस सरकार ने 2013 में बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों के लिए 500 रुपए मासिक सामाजिक सुरक्षा पेंशन शुरू की थी।
सत्ता परिवर्तन के बाद आई भाजपा सरकार ने पांच साल तक इसमें एक रुपए की भी बढ़ोतरी नहीं की। 2018 में हमारी सरकार फिर सत्ता में आई तो इसे बढ़ाकर 750 रुपए प्रतिमाह किया गया। 2023 में 1 हजार रुपए प्रतिमाह कर दिया गया।
भविष्य में कोई भी सरकार इस राशि को स्थिर न रख सके, इसके लिए हमने हर साल 15 प्रतिशत बढ़ोतरी का कानूनी प्रावधान बना दिया। यह पेंशन आज प्रदेश के लाखों जरूरतमंद परिवारों का सहारा बनी हुई है।
मोदी सरकार बनने के बाद सामाजिक सुरक्षा पेंशन का एक रुपया नहीं बढ़ा गहलोत ने लिखा- केंद्र में कांग्रेस सरकारों ने बुजुर्गों, दिव्यांगों और विधवाओं को सामाजिक सुरक्षा पेंशन देना शुरू किया था, जिसे 2013 तक बढ़ाकर 300 रुपए प्रतिमाह किया गया।
लेकिन इसके बाद के पूरे 12 साल में मोदी सरकार ने इस केंद्रीय पेंशन राशि में एक रुपए की भी बढ़ोतरी नहीं की, जबकि इस दौरान महंगाई कई गुना बढ़ चुकी है। मोदी सरकार आने के बाद से लाभार्थियों की संख्या भी नहीं बढ़ाई गई।
संसद की स्थायी समिति ने बार-बार इस राशि को अपर्याप्त बताते हुए बढ़ोतरी की सिफारिश की, फिर भी मोदी सरकार टस से मस नहीं हुई।
उद्योगपतियों का लाखों करोड़ झटके में माफ, लेकिन पेंशन बढ़ाने को तैयार नहीं गहलोत ने लिखा- यही मोदी सरकार अमीर उद्योगपतियों के लाखों करोड़ रुपए एक झटके में माफ कर देती है, लेकिन गरीब और जरूरतमंद बुजुर्गों, विधवाओं, दिव्यांगों को एक रुपए तक बढ़ाकर देने को तैयार नहीं है।
यही कांग्रेस और भाजपा की सोच का असली फर्क है, कांग्रेस जनता का पैसा जनता को वापस लौटाती है। भाजपा जनता का पैसा उद्योगपतियों की जेब में डालती है। राज्य सरकारों के लिए पेंशन देना एक आर्थिक चुनौती गहलोत ने लिखा- राज्य सरकारों के लिए पेंशन देना एक आर्थिक चुनौती बन जाता है। केंद्र सरकार के पास अधिक संसाधन हैं।
केंद्र सरकार को राज्य सरकारों के साथ मिलकर देशहित में गरीब और जरूरतमंद परिवारों को इस महंगाई के दौर में एक गरिमापूर्ण जीवनयापन के लिए अविलंब पेंशन राशि बढ़ाकर 3000 रुपए प्रति महीने करनी चाहिए और इसके लाभार्थियों की संख्या बढ़ानी चाहिए। इस राशि में राज्य और केन्द्र सरकार 50-50% हिस्सा वहन करें।
📡 स्रोत: NewsData.io