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गाजा शांति योजना को रफ्तार, मिस्र में हमास नेता से मिले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के दामाद कुशनर

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 17 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
गाजा शांति योजना को रफ्तार, मिस्र में हमास नेता से मिले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के दामाद कुशनर

गाजा में जारी संघर्ष को कम करने के लिए एक बार फिर से कोशिशें शुरू हो गई हैं. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दामाद और मिडिल ईस्ट मामलों के दूत जेरेड कुशनर ने मिस्र में हमास के नेताओं से मुलाकात की. इस दौरान गाजा में युद्धविराम और ट्रंप प्रशासन की ओर से तैयार किए जा रहे शांति रोडमैप को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई. मिस्र के अल-अलामीन में हुई मुलाकात सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों का हवाला देते हुए बताया है कि रविवार (स्थानीय समय) को मिस्र के अल-अलामीन में अमेरिकी दूत जेरेड कुशनर और हमास नेता खलील अल-हया के बीच बैठक हुई. यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब मध्यस्थ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गाजा शांति पहल को फिर से शुरू करने की कोशिशें तेज कर रहे हैं. इस बैठक को गाजा में शांति बहाली और आगे की राजनीतिक व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. बता दें कि इस बातचीत में शांति बोर्ड के निदेशक निकोले म्लादेनोव भी शामिल हुए. नेतन्याहू ने अमेरिकी प्रस्ताव को किया था खारिज बता दें कि यह बैठक गाजा के लिए प्रस्तावित युद्धविराम और युद्ध के बाद के ढांचे को लेकर मतभेदों को दूर करने की नई कूटनीतिक कोशिशों के बीच हुई है. इससे पहले पिछले हफ्ते इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिका समर्थित प्रस्ताव के मुख्य हिस्सों को खारिज कर दिया था. मिस्र के राष्ट्रपति से भी मिले कुशनर इसके साथ ही अमेरिकी दूर जेरेड कुशनर ने मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी से भी मुलाकात की. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि वे नेतन्याहू समेत इलाके के दूसरे नेताओं से भी सलाह-मशविरा करेंगे, क्योंकि प्रस्तावित फ्रेमवर्क को फिर से शुरू करने की कोशिशें जारी हैं. कुशनर और अल-हया के बीच हुई यह मुलाकात अमेरिका के एक सीनियर दूत और हमास के नेताओं के बीच हुई एक दुर्लभ सीधी बातचीत थी. यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब मध्यस्थ गाजा में चल रहे संघर्ष को खत्म करने के मकसद से बातचीत को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं. मिस्र समेत कई देशों के विदेश मंत्रियों ने की इजरायल की निंदा इस बीच, रविवार को जॉर्डन, संयुक्त अरब अमीरात, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, तुर्की, सऊदी अरब, कतर और मिस्र के विदेश मंत्रियों ने एक संयुक्त बयान जारी कर ट्रंप की शांति योजना से जुड़े रोडमैप को इजरायल द्वारा खारिज किए जाने की निंदा की. इसके साथ ही मंत्रियों ने चेतावनी दी कि इस फ्रेमवर्क को ठुकराने से गाजा में युद्ध खत्म करने और लंबे समय तक चलने वाला राजनीतिक समझौता करने की अंतरराष्ट्रीय कोशिशों को नुकसान पहुंच सकता है. 'पीछे नहीं हटेंगी इजरायली सेना' बता दें कि 5 अगस्त को, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सार्वजनिक रूप से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के उस ड्राफ्ट प्रस्ताव को खारिज कर दिया, जिसमें गाजा को हथियार-मुक्त और सेना-मुक्त करने की बात कही गई थी. उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक हमास के हथियार पूरी तरह से खत्म नहीं हो जाते, तब तक इजरायली सेना अपनी जगहों से पीछे नहीं हटेगी. बता दें कि गाजा में अभी भी इजरायली हमले जारी हैं. जिनमें हर दिन लोगों की मौत हो रही है. ये भी पढ़ें: दक्षिण कोरिया संग सैन्य अभ्यास घटाएगा अमेरिका, राष्ट्रपति ट्रंप बोले- नॉर्थ कोरिया को 'दुश्मनी' का संकेत देता है ड्रिल मैं अपनी सुरक्षा को लेकर अडिग- नेतन्याहू इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए एक वीडियो बयान में, नेतन्याहू ने राष्ट्रीय सुरक्षा और गाजा पट्टी में सैन्य मौजूदगी को लेकर इजरायल के सख्त रुख पर जोर दिया. इजरायली राष्ट्रपति नेतन्याहू ने कहा, "मैं अपनी सुरक्षा से जुड़े हितों पर अडिग हूं. जब तक हमास के हथियार पूरी तरह से खत्म नहीं हो जाते, तब तक हम अपनी मौजूदा जगहों से पीछे नहीं हटेंगे." ये भी पढ़ें: Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दी हमास को चेतावनी, बोले- गाजा में युद्धविराम विफल हुआ तो उसे खत्म कर देंगे

📡 स्रोत: NewsData.io

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