गाजीपुर में गंगा घाटों पर पितरों को विदाई देने पहुंचे लोग, ददरी घाट पर पूजा-पाठ के लिए लगी लंबी कतारें
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ग़ाज़ीपुर न्यूज़ टीम, गाजीपुर.
गाजीपुर में सर्वपितृ अमावस्या पर शनिवार को जिले के गंगा घाटों पर पितरों की आराधना की गई। ददरी घाट, कलेक्टर घाट और चीतनाथ घाट समेत जिले के कई गंगा तटों पर सुबह छह बजे से ही लोग पहुंचने लगे। श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान कर पितरों का तर्पण किया। इसके बाद पुरोहितों के साथ विधि-विधान से पिंडदान भी किया।
सर्वपितृ अमावस्या के अवसर पर घाटों पर सुबह से ही धार्मिक गतिविधियां शुरू हो गई थीं। लोग अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए पूजा-पाठ और तर्पण करने पहुंचे। अलग-अलग घाटों पर श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी रहा। ददरी घाट पर पितृ आराधना और पूजा-पाठ के लिए लोगों की लंबी कतारें लगी रहीं।
श्राद्ध करने पहुंचे श्रद्धालु अपनी बारी का इंतजार करते हुए घाट पर खड़े रहे। स्नान, तर्पण और पिंडदान के लिए लोगों की आवाजाही बनी रही। घाट पर जुटी भीड़ को देखते हुए यातायात पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की गई थी, ताकि लोगों की आवाजाही व्यवस्थित बनी रहे। ददरी घाट के अलावा कलेक्टर घाट और चीतनाथ घाट समेत अन्य गंगा तटों पर भी लोग पितरों के निमित्त धार्मिक अनुष्ठान करने पहुंचे।
पितृ विसर्जन के लिए खोवा खरीदने वालों की भीड़ शहर की खोवा मंडी में भी जुटी। आम दिनों में सुबह करीब 10 बजे खुलने वाली दुकानें शनिवार को सुबह छह बजे से ही लग गई थीं। दुकानदारों ने श्रद्धालुओं की जरूरत को देखते हुए सुबह से ही बिक्री शुरू कर दी। गंगा घाटों पर पिंडदान करने जाने वाले लोग पूजा के लिए खोवा खरीदते नजर आए।
खोवा मंडी में सुबह से ही खरीदारी का सिलसिला शुरू हो गया था और लोग सामान लेकर घाटों की ओर जाते रहे। खोवा मंडी के दुकानदारों के मुताबिक, पिंडदान के लिए आने वाला लगभग हर व्यक्ति कम से कम एक पाव खोवा खरीद रहा था। इसकी कीमत करीब 50 रुपए थी। श्रद्धालु खरीदारी के बाद खोवा लेकर गंगा घाटों की ओर रवाना होते रहे।
सर्वपितृ अमावस्या पर गंगा घाटों पर पितृ आराधना और खोवा मंडी में खरीदारी के लिए सुबह से ही लोगों की आवाजाही बनी रही।
📡 स्रोत: NewsData.io