गाजीपुर में गंगा खतरे के निशान से 15cm ऊपर:जलस्तर 63.260 मीटर, हर घंटे 1 सेमी बढ़ रहा पानी
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →गाजीपुर में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। मंगलवार सुबह 8 बजे गंगा का जलस्तर 63.260 मीटर दर्ज किया गया। यह 63.105 मीटर के खतरा बिंदु से 15 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। नदी का पानी फिलहाल करीब एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है।
खतरा निशान पार होने के बाद नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन को संभावित जलभराव वाले क्षेत्रों में निगरानी बढ़ानी पड़ रही है। ग्रामीण भी नदी के बढ़ते पानी को लेकर सतर्क हो गए हैं।
हर घंटे करीब 1 सेंटीमीटर बढ़ रहा जलस्तर मंगलवार सुबह 8 बजे गंगा का जलस्तर 63.260 मीटर रिकॉर्ड किया गया। गंगा का सामान्य जलस्तर 59.906 मीटर है, जबकि चेतावनी बिंदु 62.100 मीटर और खतरा बिंदु 63.105 मीटर निर्धारित है।
मौजूदा जलस्तर खतरा बिंदु से 15 सेंटीमीटर ऊपर है। 2025 के उच्चतम जलस्तर से अभी 1.43 मीटर नीचे गाजीपुर में वर्ष 2025 में गंगा का उच्चतम जलस्तर 64.690 मीटर दर्ज किया गया था। मंगलवार सुबह का जलस्तर इससे 1.430 मीटर नीचे है। वहीं, उच्च बाढ़ स्तर 65.220 मीटर माना जाता है, जिससे मौजूदा जलस्तर 1.960 मीटर नीचे है।
तटवर्ती गांवों और निचले इलाकों पर बढ़ी चिंता खतरा निशान पार होने के बाद नदी किनारे बसे गांवों और निचले इलाकों में पानी फैलने की आशंका बढ़ गई है। प्रशासन के सामने अब इन क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और जलस्तर की रफ्तार पर नजर बनाए रखने की चुनौती है।
ग्रामीणों को नदी और उसके आसपास के निचले इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी गई है। बढ़ा तो राहत-बचाव की तैयारी तेज करनी होगी गंगा का जलस्तर अगर इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो आने वाले घंटों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। प्रशासन को संभावित जलभराव वाले क्षेत्रों में राहत और बचाव की तैयारियां तेज करनी होंगी।
तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को भी नदी के जलस्तर में होने वाले बदलाव की जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
📡 स्रोत: NewsData.io