भोपाल

गंभीर मरीजों के उपचार की निगरानी के लिए बनेगा विशेष मॉड्यूल, उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने मेडिकल कॉलेजों में लागू करने के दिए निर्देश

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 6 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
गंभीर मरीजों के उपचार की निगरानी के लिए बनेगा विशेष मॉड्यूल, उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने मेडिकल कॉलेजों में लागू करने के दिए निर्देश

उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने रीवा में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा कर उपचार व्यवस्था मजबूत करने पर दिया जोर

रीवा, 6 सितंबर। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने मेडिकल कॉलेज सभागार रीवा में आयोजित बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए मरीजों के उपचार की बेहतर निगरानी और अस्पतालों में व्यवस्थाओं को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि गंभीर मरीजों के उपचार की सघन मॉनिटरिंग के लिए स्वास्थ्य विभाग एक विशेष मॉड्यूल तैयार करे और इसे प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में लागू किया जाए। उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि गंभीर मरीजों को वरिष्ठ और विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा अनिवार्य रूप से देखा जाना चाहिए।

मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में वरिष्ठ चिकित्सक से लेकर नर्सिंग स्टाफ तक सभी की जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से तय करने के निर्देश दिए। उन्होंने वरिष्ठ चिकित्सकों की भूमिका और गंभीर मरीजों के उपचार के लिए अलग एसओपी तैयार करने को भी कहा।

उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को बेहतर उपचार देकर स्वस्थ करने का सेवा भाव चिकित्सकों की जिम्मेदारी है। मेडिकल कॉलेजों में सीटों की संख्या बढ़ने के साथ अस्पतालों में उपचार सुविधाओं का भी विस्तार हो रहा है। ऐसे में मरीजों की बढ़ती जरूरत के अनुरूप आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध कराना जरूरी है।

नर्सिंग स्टाफ की कमी दूर करने के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी भी बैठक में दी गई। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव संसाधन की उपलब्धता बढ़ने से अस्पतालों की कार्यप्रणाली को और बेहतर किया जा सकेगा। संजय गांधी अस्पताल के गायनी विभाग में रीवा के साथ आसपास के कई जिलों से रेफरल मरीज पहुंचते हैं।

इस पर उप मुख्यमंत्री ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं के उपचार तथा सिजेरियन प्रसव की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होने से संजय गांधी अस्पताल पर मरीजों का दबाव कम किया जा सकेगा।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में वरिष्ठ चिकित्सक ओपीडी में सेवाएं देने के साथ विद्यार्थियों को पढ़ाने का कार्य भी करते हैं। इसके अलावा संजय गांधी अस्पताल के वार्डों का निरीक्षण भी उनके प्रोटोकॉल का हिस्सा है। इन सभी जिम्मेदारियों को प्रभावी मॉनिटरिंग व्यवस्था के माध्यम से व्यवस्थित किया जाना चाहिए।

उन्होंने विभागाध्यक्षों और डीन को आपसी समन्वय से सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल आयुक्त स्वास्थ्य विभाग एस. धनराजू ने निर्देशों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने की बात कही।

उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल के साथ प्रदेश के अन्य अस्पतालों में भी उपचार व्यवस्था की निगरानी के लिए आवश्यक प्रबंध किए जाएंगे।

बैठक में मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. सुनील अग्रवाल, संजय गांधी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. प्रियंक शर्मा, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अक्षय श्रीवास्तव, डॉ. मनोज इंदुलकर, डॉ. नरेश बजाज सहित मेडिकल कॉलेज के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं फैकल्टी सदस्य उपस्थित रहे।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

यह खबर उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल द्वारा रीवा में आयोजित मेडिकल कॉलेज सभागार में गंभीर मरीजों के उपचार की निगरानी के लिए एक विशेष मॉड्यूल लागू करने के निर्देश पर आधारित है। यह विषय स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और रोगी सुरक्षा को बढ़ाने के उद्देश्य से है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे अस्पतालों में उपचार प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी, जिससे चिकित्सा त्रुटियों की संभावना घटेगी। आम जनता पर इसका असर सकारात्मक होगा क्योंकि रोगियों को बेहतर देखभाल और समय पर उपचार मिलेगा, तथा अस्प

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।