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गांधी जयंती पर खंडवा जेल की अनूठी पहल, बंदियों को मिला परिवार से मिलन का भावुक अवसर

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 3 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
गांधी जयंती पर खंडवा जेल की अनूठी पहल, बंदियों को मिला परिवार से मिलन का भावुक अवसर

खंडवा जिला जेल में लंबी सजा काट रहे बंदियों के लिए विशेष पहल,

महात्मा गांधी की जयंती जेल प्रबंधन ने बंदियों की मुलाकात परिवार से कराई,

इस पहल से उन्हें भावनात्मक रूप से जुड़ने और परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिला

खंडवा, अक्टूबर 03, महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर खंडवा जिला जेल में लंबी सजा काट रहे बंदियों के लिए विशेष पहल की गई। जेल प्रबंधन ने बंदियों को उनके बच्चों और परिवार से मुलाकात कराकर उन्हें भावनात्मक रूप से जुड़ने का अवसर दिया। जेल के प्रार्थना भवन में हुए इस कार्यक्रम का माहौल भावुक रहा।

बच्चे अपने पिता और दादा से मिलकर खुश नजर आए, वहीं बंदी भी परिवार से मिलकर भावुक हुए। जेल अधीक्षक देवेंद्र कुमार सारस ने बताया कि लंबी सजा काट रहे बंदियों को परिवार के साथ सुकून के पल देने के उद्देश्य से यह नवाचार पहली बार किया गया। इस अवसर पर जेल में स्वास्थ्य शिविर भी लगाया गया। शिविर में सर्दी, खांसी, जुकाम, दांत और आंखों से संबंधित बीमारियों सहित अन्य रोगों की निशुल्क जांच कर आवश्यक उपचार दिया गया।

............ बाइट — देवेंद्र कुमार सारस, जिला जेल अधीक्षक, खंडवा

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

गांधी जयंती पर खंडवा जेल में बंदियों को परिवार से मिलने का अवसर मिला, जो दर्शाता है कि दंड के साथ-साथ पुनर्वास और मानवीय सहानुभूति भी ज़रूरी है। इसी तरह, समाज में किसी भी संघर्ष का समाधान संवाद, कानूनी मार्ग और सहानुभूति से करना चाहिए। जब हम एक-दूसरे के दर्द को समझें और सुधार के लिए साथ आएँ, तभी समाज में शांति और न्याय की नींव मजबूत होगी।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।