भोपाल

गांधी जयंती पर मध्यप्रदेश की जेलों से 49 बंदियों की समय पूर्व रिहाई, अच्छे आचरण के आधार पर मिला लाभ

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 3 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
गांधी जयंती पर मध्यप्रदेश की जेलों से 49 बंदियों की समय पूर्व रिहाई, अच्छे आचरण के आधार पर मिला लाभ

भोपाल, 2 अक्टूबर। मध्यप्रदेश शासन की समय पूर्व रिहाई नीति 2025 के तहत गांधी जयंती के अवसर पर प्रदेश की विभिन्न जेलों से 49 पात्र बंदियों को रिहा किया गया। इनमें 47 पुरुष और 2 महिला बंदी शामिल हैं। जेल में निरुद्ध रहने के दौरान अच्छे आचरण, अनुशासित व्यवहार और निर्धारित नियमों के पालन के आधार पर पात्र बंदियों को यह लाभ दिया गया।

समय पूर्व रिहाई नीति के तहत वर्ष में पांच विशेष अवसरों—गणतंत्र दिवस, डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती, स्वतंत्रता दिवस, गांधी जयंती और राष्ट्रीय जनजाति गौरव दिवस—पर पात्र बंदियों को समय पूर्व रिहा किए जाने का प्रावधान है।

जेल विभाग के अनुसार जबलपुर सर्किल से 5, भोपाल सर्किल से 2 पुरुष, रीवा सर्किल से 7 पुरुष, सतना सर्किल से 6 पुरुष और 1 महिला, इंदौर सर्किल से 7 पुरुष, उज्जैन सर्किल से 5, सागर सर्किल से 6 पुरुष, बड़वानी सर्किल से 4 पुरुष, ग्वालियर सर्किल से 2 पुरुष और 1 महिला तथा नरसिंहपुर सर्किल से 3 पुरुष बंदियों को रिहा किया गया।

महानिदेशक जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं, मध्यप्रदेश डॉ. वरुण कपूर ने रिहा होने वाले बंदियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उनसे भविष्य में अपराध से दूर रहने और जिम्मेदार नागरिक के रूप में समाज की मुख्यधारा में लौटने की अपील की।

डॉ. कपूर ने बताया कि जेल में रहने के दौरान रिहा होने वाले बंदियों को पुनर्वास के उद्देश्य से विभिन्न कौशलों का प्रशिक्षण दिया गया। इनमें टेलरिंग, कारपेंट्री, लोहारी, भवन मिस्त्री और भवन-सामग्री निर्माण जैसे कार्य शामिल हैं। प्रशिक्षण का उद्देश्य बंदियों को जेल से बाहर आने के बाद आत्मनिर्भर बनने और सम्मानजनक तरीके से समाज की मुख्यधारा में लौटने में मदद करना है।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

मध्यप्रदेश सरकार ने गांधी जयंती के अवसर पर समय पूर्व रिहाई नीति 2025 के अंतर्गत 49 बंदियों को रिहा किया। यह नीति वर्ष में पाँच विशेष अवसरों पर रिहाई देती है, जैसे गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस, और अन्य महत्वपूर्ण दिन। यह कदम बंदियों के अच्छे आचरण और अनुशासन को मान्यता देता है, जिससे उन्हें समाज में पुनः प्रवेश का मौका मिलता है। इस खबर का महत्व है क्योंकि यह न्याय प्रणाली में सुधार और मानवीय दृष्टिकोण को दर्शाती है। आम जनता के लिए यह आशा जगाता है कि कैदियों को पुनर्वास के अवसर मिलेंगे और जेलों का

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।