अपराध

गणेश विसर्जन में डीजे की तेज आवाज को लेकर 12 लोगो पर एफआईआर दर्ज

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 6 अक्टूबर 2026 👁️ 16 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
गणेश विसर्जन में डीजे की तेज आवाज को लेकर 12 लोगो पर एफआईआर दर्ज

सुल्तानपुर में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान निर्धारित ध्वनि मानकों की अनदेखी कर तेज आवाज में डीजे बजाना 12 संचालकों को भारी पड़ गया। कोतवाली नगर पुलिस ने शाहगंज घंटाघर से बस स्टेशन क्षेत्र तक तेज आवाज में डीजे और ट्विटर हॉर्न बजाने के आरोप में 12 संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

पुलिस के मुताबिक 26 सितंबर को विसर्जन जुलूस के दौरान तेज आवाज की शिकायत मिलने पर टीम ने मौके पर पहुंचकर डीजे संचालकों को आवाज कम करने के निर्देश दिए थे। आरोप है कि निर्देश के बावजूद तेज आवाज में डीजे बजाना जारी रखा गया। पुलिस ने मौके की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी कराई।मामले में लहरी गुरु डीजे गौरीगंज, पंकज डीजे बस्ती, वर्मा इवेंट डीजे, हीरो म्यूजिक किंग, राजकोट इवेंट डीजे, सुभाष स्पीकर डीजे रायबरेली, विष्णु डीजे सैदपुर करेली, देव डीजे अयोध्या, हरिओम डीजे उसरा बाजार, बाबा साउंड धुसौली और आदर्श नाइट किंग लालगंज समेत अन्य को आरोपी बनाया गया है।

पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच उपनिरीक्षक बाबूलाल कुमार को सौंपी है।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

गणेश विसर्जन के दौरान सुल्तानपुर में तेज आवाज में डीजे बजाने के लिए 12 संचालकों पर एफआईआर दर्ज की गई है। यह घटना धार्मिक कार्यक्रम के दौरान ध्वनि मानकों के उल्लंघन को दर्शाती है। इस खबर का महत्व इसलिए है क्योंकि यह सार्वजनिक स्थानों पर शोर-शराबे के नियंत्रण के लिए कानूनी कदमों की आवश्यकता को रेखांकित करती है। यदि इस तरह के नियमों का पालन नहीं किया गया तो न केवल धार्मिक अनुष्ठान में बाधा आती है, बल्कि आसपास के निवासियों के स्वास्थ्य और शांति पर भी असर पड़ता है। इसलिए यह मामला समाज में शोर नियंत्र

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

गणेश विसर्जन के दौरान तेज आवाज से न केवल शोर-शराबा बढ़ता है, बल्कि परंपरा और पर्यावरण को भी नुकसान पहुँचता है। हमें सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शांति और सामंजस्य का पालन करना चाहिए। यदि किसी को तेज आवाज से असुविधा हो, तो शांतिपूर्ण संवाद और स्थानीय नियमों का पालन करके समाधान खोजें। इस प्रकार हम परंपरा की रक्षा करते हुए समाज में सामूहिक सम्मान और सहिष्णुता की भावना जगाते हैं।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।