गंगा का जलस्तर घटा, बाढ़ पीड़ितों की परेशानी बरकरार:डीएम ने कई इलाकों का किया दौरा, सामुदायिक किचन में खाना और राहत सामग्री की जांच
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →गंगा का जलस्तर उच्चतम स्तर से 21 सेंटीमीटर कम हो गया है। लेकिन बाढ़ प्रभावित करीब 4 लाख लोगों की परेशानी कम नहीं हो रही है। इसके मद्देनजर जिला प्रशासन लोगों के राहत एवं बचाव कार्य में लगातार जुटी हुई है। DM रिची पांडेय खुद विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर राहत एवं बचाव कार्यों की स्थिति का जायजा ले रहे हैं।
इस दौरान बुधवार को उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, सामुदायिक किचन में भोजन व्यवस्था तथा पशुचारा एवं राहत सामग्री के वितरण की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान डीएम सबसे पहले मटिहानी प्रखंड के जीतलाल प्लस टू विद्यालय, नयागांव में संचालित सामुदायिक किचन का निरीक्षण किया।
संचालित सामुदायिक किचन का जायजा लिया गया इसके बाद बलहपुर-1 पंचायत के लिए तीनमुहानी चौक पर संचालित सामुदायिक किचन का जायजा लिया गया। डीएम ने सामुदायिक किचन की पंजी की जांच की तथा लाभुकों को निर्धारित मैन्यू के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। पॉलीथिन वितरण को लेकर शिकायत मिलने पर डीएम ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
पशुचारा के लिए उपलब्ध कराए जा रहे भूसा को लेकर मिल रही शिकायतों पर भी उन्होंने संबंधित पदाधिकारी को स्पष्ट हिदायत देते कहा कि अनियमितता पाए जाने पर कार्रवाई किया जाएगा। इसके बाद कौआटोल, बरौनी प्रखंड के मल्हीपुर दक्षिण पंचायत तथा तेघड़ा प्रखंड के रातगांव में भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया।
प्रभावित लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याओं एवं सुविधाओं की जानकारी ली। डीएम बोले- लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी इसके बाद डीएम ने बछवाड़ा प्रखंड अंतर्गत चमथा-3 पंचायत का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान बताया गया कि क्षेत्र में पशुओं की संख्या अधिक होने के कारण उन्हें सुरक्षित रखने के लिए निकटवर्ती जिला समस्तीपुर के विद्यापतिनगर प्रखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय अनुसूचित जाति टोला हरपुर बोचहा के मैदान में रखा गया है।
वहां भी पशुओं के लिए चारा, पेयजल एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश संबंधित पदाधिकारियों को दिया। डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिया कि बाढ़ पीड़ितों को मिलने वाली राहत सामग्री के वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने का निर्देश दिया सामुदायिक किचन में निर्धारित मैन्यू के अनुसार भोजन की व्यवस्था, भोजन की गुणवत्ता तथा स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में शौचालयों की नियमित साफ-सफाई एवं स्वच्छता सुनिश्चित करने का भी निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया गया है।
📡 स्रोत: NewsData.io