गंगा के ऊपर गरजा भारत का शौर्य, काशी के आसमान में गूंजा वायु शक्ति का उद्घोष
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मां गंगा की अविरल धारा, काशी के ऐतिहासिक घाट और आसमान में गूंजते भारतीय लड़ाकू विमानों की गगनभेदी गर्जना। कहीं राफेल की तेज रफ्तार, कहीं सुखोई की आक्रामक उड़ान, कहीं स्वदेशी तेजस के हैरतअंगेज हवाई करतब तो कहीं सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम की आसमान पर उकेरी गई कलात्मक आकृतियां। आध्यात्मिक नगरी काशी रविवार को भारतीय वायुसेना के शौर्य, साहस, तकनीकी सामर्थ्य और पेशेवर दक्षता की साक्षी बनी।
मां गंगा के ऊपर आयोजित भव्य एयर शो ‘विंग्स ओवर गंगा’ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के अवसर पर वायु शक्ति का अद्भुत प्रदर्शन देखा।
इस ऐतिहासिक आयोजन में सैन्य विमानन की विरासत, आधुनिक युद्धक क्षमता, स्वदेशी तकनीक और राष्ट्र की सुरक्षा के प्रति वायु योद्धाओं के समर्पण का प्रभावशाली संगम देखने को मिला। काशी के आसमान में जब विमानों की गर्जना गूंजी तो गंगा के दोनों तटों पर मौजूद दर्शकों की निगाहें आसमान पर टिक गईं। हर फॉर्मेशन के साथ रोमांच बढ़ता गया और हर करतब के बाद तालियों की गड़गड़ाहट वायु योद्धाओं के साहस और कौशल का अभिनंदन करती रही। यह केवल विमानों की उड़ान का प्रदर्शन नहीं था, बल्कि बदलते समय के साथ भारतीय वायुसेना की परिचालन क्षमता, युद्धक तैयारी, सटीक प्रहार क्षमता और तकनीकी विकास की यात्रा का जीवंत प्रस्तुतिकरण था।
सारंग के कौशल से लेकर गंगा पर पुष्पवर्षा तक, परंपरा और पराक्रम का संगम
कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय वायुसेना की प्रसिद्ध सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम के प्रदर्शन के साथ हुई। हेलीकॉप्टरों के बीच सटीक तालमेल, नियंत्रित गति और समन्वित हवाई करतबों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। इसके बाद वायुसेना प्रमुख एवं भारतीय वायुसेना के समस्त वायु योद्धाओं की ओर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का स्वागत और अभिनंदन किया गया। वायुसेना प्रमुख ने इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री को स्मृति चिह्न भेंट किया। समारोह में भारतीय वायुसेना के 94 गौरवशाली वर्षों की यात्रा को काशी की आध्यात्मिक विरासत से जोड़ते हुए कर्तव्य, त्याग और राष्ट्रसेवा के भाव को रेखांकित किया गया।
ओंकार फॉर्मेशन ने किया राष्ट्रध्वज को सलाम, गंगा फॉर्मेशन ने बरसाए फूल
फ्लाईपास्ट के अगले चरण में तीन एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टरों की ‘ओंकार’ फॉर्मेशन ने प्रवेश किया। ग्रुप कैप्टन अनुज गुप्ता के नेतृत्व में उड़ रहे हेलीकॉप्टरों पर राष्ट्रीय ध्वज और भारतीय वायुसेना के ध्वज लहरा रहे थे। भगवान शिव से जुड़े पवित्र ‘ओंकार’ के नाम वाली इस संरचना ने राष्ट्रभक्ति और आध्यात्मिक आस्था को एक साथ प्रस्तुत किया।
इसके बाद ग्रुप कैप्टन दीपांकर दास के नेतृत्व में तीन चेतक हेलीकॉप्टरों की ‘गंगा’ फॉर्मेशन ने काशी के आकाश में प्रवेश किया। मां गंगा के प्रति श्रद्धा और सम्मान व्यक्त करने के लिए हेलीकॉप्टरों से पुष्पवर्षा की गई। आकाश से बरसते फूलों और नीचे बहती गंगा के बीच बना यह दृश्य समारोह के सबसे भावपूर्ण क्षणों में शामिल रहा।