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गरीबों के बैंक खातों से 5.61 करोड़ का लेनदेन:देवरिया में सरकारी मदद का झांसा देकर खाते खुलवाने का आरोप

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 13 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
गरीबों के बैंक खातों से 5.61 करोड़ का लेनदेन:देवरिया में सरकारी मदद का झांसा देकर खाते खुलवाने का आरोप

देवरिया के सदर कोतवाली क्षेत्र के गोबराई खास में गरीब लोगों के बैंक खातों से 5 करोड़ 61 लाख 72 हजार 741 रुपये के लेनदेन का मामला सामने आया है। आरोप है कि सरकारी मदद दिलाने का झांसा देकर लोगों के बैंक खाते खुलवाए गए और उनकी जानकारी के बिना खातों का इस्तेमाल किया गया। सितंबर 2026 में क्राइम ब्रांच का नोटिस मिलने के बाद पीड़ितों को करोड़ों रुपये के लेनदेन की जानकारी हुई।

शिकायत के बाद एसपी ने साइबर टीम को जांच के निर्देश दिए हैं। सरकारी मदद का भरोसा देकर खुलवाए खाते पीड़ितों के मुताबिक, वर्ष 2024 में गोबराई खास निवासी सूरज यादव ने सरकार की ओर से खाते में पैसा आने की बात कहकर कई लोगों को बैंक ले जाकर खाते खुलवाए। इनमें गुड्डू कुमार, चुन्नू प्रसाद, मनोज, लक्ष्मी देवी, अभिषेक विश्वकर्मा और संभावती देवी समेत अन्य लोग शामिल हैं।

आरोप है कि बैंक में फॉर्म पर हस्ताक्षर कराने के बाद उन्हें पासबुक और एटीएम कार्ड नहीं दिए गए। इसके बदले प्रत्येक व्यक्ति को एक-एक हजार रुपये दिए गए। उन्हें बताया गया था कि सरकारी पैसा आने पर उन्हें मिल जाएगा। पीड़ितों का कहना है कि उन्हें खातों के इस्तेमाल और उनमें हुए लेनदेन की जानकारी नहीं थी।

एक खाते से 1.85 करोड़, दूसरे से 91 लाख का लेनदेन संभावती देवी ने बताया कि वह टीनशेड में रहती हैं और मजदूरी करके परिवार का गुजारा करती हैं। उनके बैंक खाते से करीब 1.85 करोड़ रुपये के लेनदेन की जानकारी मिली है। नोटिस मिलने के बाद से वह परेशान हैं और उनकी तबीयत भी बिगड़ गई थी। वहीं, अभिषेक विश्वकर्मा के खाते से करीब 91 लाख रुपये के लेनदेन की बात सामने आई है।

पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने कभी इतनी बड़ी रकम नहीं देखी। खातों से करोड़ों रुपये के लेनदेन की जानकारी मिलने के बाद वे कार्रवाई को लेकर चिंतित हैं। एसपी से शिकायत, साइबर टीम कर रही जांच पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर कुल 5 करोड़ 61 लाख 72 हजार 741 रुपये के लेनदेन का उल्लेख किया है।

उन्होंने धोखाधड़ी और साइबर अपराध के आरोपों में एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लेते हुए साइबर टीम को जांच के निर्देश दिए हैं। टीम ने पीड़ितों से बातचीत भी की है। फिलहाल मामले की जांच जारी है। आरोपों की पुष्टि और लेनदेन में शामिल लोगों की भूमिका जांच के बाद स्पष्ट होगी।

📡 स्रोत: NewsData.io

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🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

गरीबों के बैंक खातों से करोड़ों का अनधिकृत लेनदेन देखकर हमें यह याद दिलाता है कि वित्तीय साक्षरता और पारदर्शिता की कितनी आवश्यकता है। समाज के कमजोर वर्ग को स्वयं के अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए और किसी भी सहायता के लिए दस्तावेज़ी प्रमाण की जाँच करनी चाहिए। यदि कोई धोखाधड़ी हो, तो तुरंत बैंक और कानूनी अधिकारियों से संपर्क करें। इस घटना से हम सीखें कि जागरूकता और सतर्कता से हम अपने संसाधनों की रक्षा कर सकते हैं और समाज में विश्वास को पुनः स्थापित कर सकते हैं।

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