गत दिन भारी वर्षा से जिला में लगभग तीन करोड़ रुपये की हुई क्षति: उपायुक्त
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →6 सड़क मार्ग अस्थाई रूप से हुए बंद, 11 पेयजल योजनाएं हुई हैं प्रभावित अगस्त 02, बिलासपुर (हिमाचल प्रदेश): उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने जानकारी देते हुए कहा कि जिला में गत दिवस हुई भारी वर्षा के कारण विभिन्न विभागों की परिसंपत्तियों को व्यापक नुकसान पहुंचा है।
प्रारंभिक आकलन के अनुसार जिला में लगभग तीन करोड़ रुपये की क्षति दर्ज की गई है। जिला प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं पुनर्बहाली कार्यों को युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि सर्वाधिक नुकसान लोक निर्माण विभाग को हुआ है, जहां लगभग 2.70 करोड़ रुपये की क्षति का अनुमान है।
जल शक्ति विभाग की 11 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं, जिससे लगभग 31 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। इसके अतिरिक्त विद्युत विभाग को भी लगभग डेढ़ लाख रुपये की क्षति पहुंची है। राहुल कुमार ने बताया कि भारी वर्षा से जिला में सात रिहायशी भवन प्रभावित हुए हैं।
इनमें एक कच्चा मकान पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हुआ है, जबकि एक पक्का और दो कच्चे मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा तीन गौशालाओं को भी नुकसान पहुंचा है। प्रभावित परिवारों को नियमानुसार फौरी राहत प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है तथा आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर शीघ्र मुआवजा प्रदान किया जाएगा।
उपायुक्त ने कहा कि वर्षा के कारण जिला के 6 सड़क मार्ग अस्थायी रूप से बंद हुए, जिनमें गंगलोह-मलरौन, ढोलग चकनाड़-गाह, स्वारघाट मंझेड-मतनोह, थेह-बुहाड़, चैंटा-धानी तथा मरोतन धानी सड़कें शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग तथा संबंधित फील्ड अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए, जिसके परिणामस्वरूप सभी प्रभावित मार्गों को शीघ्र यातायात के लिए बहाल कर दिया गया। राहुल कुमार ने कहा कि पिछले सप्ताह से जिला में लगातार भारी एवं अचानक वर्षा की घटनाएं हो रही हैं।
ऐसे में नागरिक अनावश्यक यात्रा से बचें तथा विशेषकर भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अत्यधिक सावधानी बरतें। वर्षा के दौरान पहाड़ियों से पत्थर गिरने की आशंका बनी रहती है, इसलिए जोखिम वाले मार्गों पर यात्रा करने से परहेज करें।
उन्होंने लोगों से नदी-नालों, झीलों एवं अन्य जल स्रोतों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि पूर्व में फिसलने जैसी दुर्घटनाओं के कारण जनहानि की घटनाएं सामने आई हैं। अभिभावक विशेष रूप से बच्चों तथा बुजुर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करें और उन्हें जल स्रोतों के निकट जाने से रोकें।
उपायुक्त ने नागरिकों से आग्रह किया हैकि वह विशेष आवश्यकता के बिना देर रात यात्रा न करें तथा किसी भी प्रकार की आपदा, मकानों को नुकसान, सड़क अवरुद्ध होने अथवा अन्य आपात स्थिति की सूचना तत्काल जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के हेल्पलाइन नंबर पर दें।
उन्होंने कहा कि सूचना प्राप्त होते ही जिला प्रशासन की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करेंगी। जिला प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है तथा लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।